आंदोलनकारियों को रोकने पर हाईकोर्ट ने बंगाल पुलिस को फटकारा

कोलकाता, 30 सितंबर। दक्षिण 24 परगना में आंदोलनरत शिक्षक उम्मीदवारों को रोके जाने को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को जमकर फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा ने कहा है कि जो योग्य उम्मीदवार हैं वे नौकरी की भिक्षा मांगने के लिए सड़कों पर हैं और पुलिस दुर्गा पूजा की दुहाई देकर उनके आंदोलन को रोक रही है यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।

दरअसल दक्षिण 24 परगना जिले के कुछ उम्मीदवारों ने आंदोलन के लिए पुलिस से अनुमति मांगी थी। 2009 से वे परीक्षा दे चुके हैं लेकिन उनकी नियुक्ति नहीं हुई है। पुलिस ने उनके आवेदन को दरकिनार करते हुए स्पष्ट कर दिया कि दुर्गा पूजा की भीड़ की वजह से उन्हें आंदोलन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके बाद आंदोलनकारियों ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। शुक्रवार को इसकी सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मंथा ने कहा कि राज्य प्रशासन का तर्क कतई स्वीकार्य नहीं है। योग्य उम्मीदवार नौकरी के लिए भीख मांग रहे हैं और पूजा की दुहाई देकर उन्हें आंदोलन से नहीं रोका जाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने उन्हें आंदोलन की अनुमति भी दी।

कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि अगले एक महीने तक धर्मतल्ला के पास में शांतिपूर्ण तरीके से बैठ कर विरोध प्रदर्शन कर सकेंगे। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि दुर्गा पूजा का मौसम होने की वजह से पुलिस प्रशासन व्यस्त रहेंगे। इसके अलावा रानी रासमनी रोड पर पहले से ही एक आंदोलन चल रहा है। ऐसे में इनकी आंदोलन को अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके बाद ही कोर्ट ने कहा कि यह बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा। गांधी मूर्ति के पास या रानी रासमनी रोड पर कहीं एक जगह इन आंदोलनकारियों को आंदोलन की तुरंत अनुमति देनी होगी।

(हि.स.)

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