Himachal Pradesh Congress News Update : कांग्रेस विधायकों के निलंबन पर हिमाचल विधानसभा में गतिरोध बरकरार, विपक्ष का वाकआउट

शिमला, 03 मार्च । हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में पांच कांग्रेस विधायकों के निलंबन पर चल रहा गतिरोध बुधवार को भी जारी रहा। विपक्षी ने इस मुद्दे पर हंगामा करते हुए बुधवार को सदन से वाकआउट कर दिया। विपक्ष की अनुपस्थिति में सदन में प्रश्नकाल चला तथा सतापक्ष के सदस्यों ने अपने-अपने सवाल पूछे।

सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने प्वाइंट आफ आर्डर के तहत कांग्रेस विधायकों के निलंबन का मसला उठाया। जगत सिंह नेगी ने इसे एकतरफा व तानाशाही भरा फैसला करार दिया और विधानसभा अध्यक्ष से इस पर व्यवस्था देने की मांग उठाई।

उन्होंने कहा कि बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को सदन की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित करने के बाद 12 बजकर 50 मिनट पर फिर से सदन को बुलाया गया जबकि विपक्षी सदस्यों को सदन दोबारा शुरू करने की सूचना चार मिनट पहले 12 बजकर 46 मिनट पर दी गई। इतने अल्प समय में विपक्षी सदस्यों का सदन में पहुंचना असंभव था। विपक्ष के सदस्य स्पाइडर मैन एवं हनुमान नहीं हैं कि वे उड़कर सदन में पहुंच जाते।

उन्होंने कहा कि सदन को फिर से बुलाना और इसके लिए विपक्ष को उचित समय देना विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में आता है। सदन स्थगित करने के बाद फिर से बुलाने पर सदस्यों को कम से कम 48 घंटे का समय दिया जाता है। नेगी ने कहा कि विपक्ष की गैरमौजूदगी में पांच कांग्रेस विधायकों को निलंबित करने का हैरत भरा फैसला लिया गया। इतना ही नहीं विधानसभा में तैनात मार्शलों की शिकायत को आधार बनाते हुए इन विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। एफआईआर में पांचों विधायकों के विरूद्व आईपीसी की धारा 124 के तहत देशद्रोह का मामला दर्ज करवाया गया।

जगत सिंह नेगी ने यह भी कहा कि क्या कांग्रेस के विधायक पाकिस्तानी व चीनी हैं कि इन पर देशद्रोह का मामला बनाया गया? नेगी के प्वांइट आफ आर्डर पर विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने प्रश्नकाल के बाद व्यवस्था देने की बात कही और 11 बजकर 10 मिनट पर प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा कर दी। जिस पर विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे और नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।

(हि.स.)

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