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किशोरियों की बिक्री के मुद्दे पर राजस्थान को मानवाधिकार आयोग का नोटिस

नयी दिल्ली, 31 मई : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राजस्थान की किशोरियों को दूसरे राज्यों में बेचने की शिकायतों के संबंध में राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।

आयोग ने राज्य सरकार को बालिकाओं की तस्करी और वेश्यावृत्ति के कृत्यों पर अंकुश लगाने के लिये राज्य स्तरीय मानव तस्करी विरोधी नोडल अधिकारी नियुक्त करने और उसे जिला मानव तस्करी विरोधी इकाइयों (डीएएचटीयू) के सहयोग के साथ मिलकर इस तरह के अपराधों को रोकने के लिये काम करने को कहा है।

आयोग की शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, उसने राज्य सरकार द्वारा हाल की कुछ ऐसी घटनाओं में मामला दर्ज किये जाने की बात स्वीकार की है लेकिन कहा है कि ऐसा लगता है कि किशोरियों की तस्करी की घटनाएं जारी हैं।

आयोग ने मानव तस्करी रोकने और पीड़ितों के पुनर्वास जैसे कार्यों के लिये केन्द्रीय गृह मंत्रालय की व्यापक योजना के तहत गठित की जाने वाली डीएएचटीयू को प्रभावी रूप से लागू करने के लिये सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को नोटिस भेजें हैं। आयोग ने उनसे इस संबंध में अब तक की गयी कार्रवाई का आठ सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा है।

आयोग के संज्ञान में राजस्थान में किशोरियों को स्टाम्प पेपर पर बेचने और उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों तथा विदेशों में शारीरिक शोषण, यौन उत्पीड़न के लिये भेजे जाने के मामले आये थे। आयोग ने इसी संबंध में राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को राज्य मानव तस्करी विरोधी नोडल अधिकारी का गठन करके मुंबई भेजने का निर्देश दिया है।

आयोग ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह तस्करी के जरिये राजस्थान से वहां ले जायी गयीं किशोरियों की वापसी के लिये राजस्थान के अधिकारियों के साथ हर संभव सहयोग करे।

आयोग ने इससे पहले, 27 अक्टूबर, 2022 को एक मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लिया था और राज्य सरकार को नोटिस देकर इस स्थिति का ब्योरा मांगा था। मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया था कि राजस्थान के छह जिलों में किशोरियों को स्टाम्प पेपर पर बेचकर देश के विभिन्न राज्य उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, मुंबई, दिल्ली और विदेशों में भेजा जा रहा है।

आयोग की विज्ञप्ति के अनुसार, उसे राज्य़ की ओर से जानकारी मिली थी कि किशोरियों की तस्करी करने वाले 23 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है और उद्धार की गयी सात किशोरियों को क्रमशः नारी निकेतन बालिका सुधार गृह, अजमेर और नाति निकेतन, अजमेर में रखा गया है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि उसे इस संबंध में नियुक्त विशेष अधिकारी की रिपोर्ट से जानकारी मिली है कि इस तरह की कुप्रथा और अपराध पुरुष समाज वाले राजस्थान में जारी है।

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