मुख्यमंत्री हेमंत में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो तुरंत इस्तीफा दें : बाबूलाल

दुमका, 22 सितंबर : झारखंड विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आज कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो वे अपने पद से इस्तीफा दें और यदि श्री सोरेन स्वयं इस्तीफा नहीं देते हैं तो राज्यपाल को अवैध काली कमाई में संलिप्त महागठबंधन की सरकार को अविलंब बर्खास्त कर देना चाहिए।

श्री मरांडी गुरुवार को दुमका परिसदन में संवाददाताओं के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि नैतिकता के आधार पर यदि मुख्यमंत्री अपने पद से इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो राज्यपाल अवैध कारोबार को संरक्षण देने के संगीन आरोपों से घिरे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार को अविलंब बर्खास्त कर देना चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से न्यायालय में समर्पित आरोप पत्र में प्रस्तुत तथ्यों से स्पष्ट हो गया है सिर्फ साहेबगंज जिले में अवैध पत्थर खनन से एक हजार करोड़ रुपए के अवैध कारोबार का मामला उजागर हुआ है। ईडी के आरोप पत्र के आधार पर जांच के क्रम में कई करोड़ रुपए जब्त किये गये हैं। इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी बरेहट के विधायक पंकज मिश्रा की संलिप्तता उजागर हुई है।

श्री मरांडी ने दावा किया कि यदि संताल परगना प्रमंडल स्तर पर पिछले दो साल के दौरान अवैध पत्थर,बालू के कारोबार के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो इस प्रमंडल में अवैध कारोबार का आंकड़ा पांच हजार करोड़ रुपए से अधिक होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा झारखंड और बिहार के मुख्यमंत्री को डेढ़ साल पूर्व पत्र लिखकर इसपर रोक लगाने की मांग किये जाने के बावजूद मुख्यमंत्री के संरक्षण में नियमों की धज्जियां उड़ाकर रात के अंधेरे में गंगा के अनाधिकृत घाटों से पानी जहाजों से अवैध पत्थर का करोबार फलता फूलता रहा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध रूप से क्षमता से अधिक पत्थर ढुलाई की वज़ह से साहेबगंज में पानी जहाज की दुर्घटना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया गया मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संरक्षण में उनके विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा द्वारा अपने पद और रसूख का दुरपयोग कर खनिज संपदा से प्राप्त राजस्व राज्य के खजाने में जाने के बदले मुख्यमंत्री और उनके परिवार के साथ बिचौलिए के खाते में जमा किया जाता रहा। जबकि भाजपा द्वारा इस रोक लगाने की मांग किया जाता रहा लेकिन इस तरह के कारोबार पर रोक लगाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गयी।

भाजपा नेता ने कहा कि ईडी द्वारा समर्पित आरोप पत्र से यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री के संरक्षण में अवैध खनन से काली कमाई का खेल चलता रहा है। इसलिए ईडी को जांच में आये तथ्यों के आलोक में मुख्यमंत्री और उनके अन्य करीबियों से पूछताछ करना चाहिए। संवाददाताओं के साथ बातचीत के दौरान पार्टी के मीडिया प्रभारी पिंटु अग्रवाल सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता भी मौजूद थे।

वार्ता

Leave a Reply

Your email address will not be published.