नीतीश मंत्रिमंडल की बैठक में 19 एजेंडों पर लगी मुहर

पटना, 13 सितम्बर । मुख्य सचिवालय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट की बैठक मंगलवार को दोपहर खत्म हो गई है। बैठक में कुल 19 एजेंडों पर मुहर लगाई गई है। रेप पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने के लिए सरकार ने अपर जिला और सत्र न्यायाधीश के 54 पदों के सृजन की स्वीकृति दी है।

अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने बैठक के बाद बताया कि शराबबंदी को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए टू व्हिलर, फोर व्हिलर, मोटर बोट, नाव, ट्रैक्टर और ड्रोन के भाड़ा एवं ईंधन भुगतान के लिए 25 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि स्वीकृत की गई है। पाटलिपुत्र, मुंगेर, पूर्णिया और पटना विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक, सह प्राध्यापक, प्राध्यापक के 370 पद तथा शिक्षकेतर कर्मियों के 89 पद यानी कुल 459 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।

सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न की छात्रवृत्ति में बढ़ोतरी कर दी है। अब सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों के इंटर्न को 20 हजार प्रति माह, पटना दंत महाविद्यालय के इंटर्न को 20 हजार प्रतिमाह, आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथिक के इंटर्न को 20 हजार रुपये और फिजियोथेरेपी के इंटर्न को 15 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेगा।

राज्य के मेधावी छात्रों को पलायन से रोकने और राज्य के लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने पूर्णिया में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना को स्वीकृति दी है। इसमें 100 एमबीबीएस नामांकन क्षमता के साथ 423 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है।

सरकार ने मोतिहारी सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रभाकर कुमार को साल 2015 से अनुपस्थित रहने के कारण सेवा से बर्खास्त कर दिया है, जबकि मोतिहारी सदर अस्पताल के ही चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रभार प्रकाश को भी अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप में सेवा से बर्खास्त किया गया है।

पटना के कंकड़बाग स्थित बिहार कॉलेज ऑफ फिजियोथेरापी एवं ऑकुपेशनल थेरापी के लिए 21 पद, कंकड़बाग स्थित विकलांग भवन अस्पताल के लिए 43 पद और कृत्रिम अवयव निर्माण केंद्र के लिए 3 पदों यानि कुल 67 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत ग्रिड सब स्टेशनों के बाकी बचे सभी फीडरों में एबीटी मीटर की स्थापना के साथ ऑनलाइन डेटा संचार और ऑनलाइन डेटा निगरानी का प्रावधान सहित ऊर्जा लेखांकन एवं अंकेक्षण के लिए बहत्तर करोड़ पचास लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

(हि.स.)

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