Indian Railway Update : भारतीय रेलवे ने ऑक्सीजन ढुलाई में 15,000 टन का आंकड़ा पार किया

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे मौजूदा चुनौतियों का सामना और नए उपायों की तलाश के साथ देश के विभिन्न राज्यों की मांग पर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति के अपने अभियान पर निरंतर काम कर रही है। भारतीय रेलवे अब तक देश के 14 राज्यों को 936 टैंकरों में लगभग 15284 मीट्रिक टन चिकित्सा उपयोग के लिए तरल मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) की आपूर्ति कर चुकी है।

रेल मंत्रालय ने रविवार को कहा, लगभग 234 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने अब तक अपनी यात्राएं पूरी कर ली हैं और विभिन्न राज्यों को राहत पहुंचाई है। 9 ऑक्सीजन एक्सप्रेस 31 टैंकरों में 569 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लेकर अपने निर्धारित गंतव्य की ओर रवाना हो चुकी हैं।

असम में आज पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस दिन में 11.30 बजे पहुंची, जिसने 4 टैंकरों में 80 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की पहली खेप पहुंचाई। कर्नाटक में ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा तरल मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति का आंकड़ा 1000 मीट्रिक टन से ऊपर पहुंच गया है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा अब देश के विभिन्न राज्यों में ऑक्सीजन की दैनिक आपूर्ति 800 मीट्रिक टन से अधिक हो गई है।

भारतीय रेलवे का यह प्रयास रहा है कि ऑक्सीजन का अनुरोध करने वाले राज्यों को कम से कम संभव समय में अधिक से अधिक संभव ऑक्सीजन पहुंचाई जा सके। ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा 14 राज्यों उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और असम को ऑक्सीजन सहायता पहुंचाई गई है।

रेल मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में 614 मीट्रिक टन ऑक्सीजन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3609 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 566 मीट्रिक टन, दिल्ली में 4300 मीट्रिक टन, हरियाणा में 1759 मीट्रिक टन, राजस्थान में 98 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 1063 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 857 मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश में 642 मीट्रिक टन, पंजाब में 153 मीट्रिक टन, केरल में 246 मीट्रिक टन, तेलंगाना में 976 मीट्रिक टन और असम में 80 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई।

उल्लेखनीय है कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस की शुरुआत 28 दिन पहले 24 अप्रैल को हुई थी और पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस 126 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के साथ महाराष्ट्र पहुंची थी।

(हि.स.)

Leave a Reply

Your email address will not be published.