International Update : कृषि कानूनों को लेकर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रूडो ने बदले सुर, भारत जल्द भेजेगा कोरोना वैक्सीन

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने वाले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रूडो के रवैये में आए बदलाव के बाद भारत ने उनके देश को कोरोना रोधी वैक्सीन की आपूर्ति करने का फैसला किया है। भारत में कोविशील्ड के नाम से कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कहा है कि एक महीने के भीतर कनाडा को टीके की आपूर्ति कर दी जाएगी।

सूत्रों ने बताया कि भारत ने सैद्धांतिक तौर पर कनाडा को वैक्सीन देने का फैसला कर लिया है। कितनी मात्रा में वैक्सीन भेजी जाएगी, अभी इस पर फैसला किया जाना है। जल्द ही इसकी भी घोषणा किए जाने की उम्मीद है। कनाडाई प्रधानमंत्री ट्रूडो ने पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री मोदी को टेलीफोन कर कोरोना से निपटने में उनकी मदद मांगी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था।

दरअसल, कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन पर ट्रूडो ने चिंता जताई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव पैदा हो गया था। विदेश मंत्रालय ने तत्काल ही उनके बयान को गैर-जरूरी करार दिया था, लेकिन अब ट्रूडो का रुख बदल गया है और उन्होंने किसान यूनियनों के साथ बातचीत के सरकार के कदम की प्रशंसा की है। उन्होंने अपने यहां भारतीय दूतावासों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा का भी भरोसा दिलाया है।

सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने सोमवार को कहा कि कनाडा से नियामक की मंजूरी मिलने के बाद एक महीने के भीतर वैक्सीन की सप्लाई कर दी जाएगी। कनाडा अपना कोई वैक्सीन नहीं बनाता। वैक्सीन के लिए वह विदेशी निर्माताओं पर ही निर्भर है। भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ ही अन्य कई कई देशों को वैक्सीन की 2.29 करोड़ डोज भेज चुका है। किसी को तोहफे में वैक्सीन दी गई है तो किसी को व्यवसायिक करार के आधार पर।

बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित वैक्सीन का भारत में उत्पादन और वितरण कर रहा है। सीरम ने अपने स्तर पर भी कई देशों के साथ वैक्सीन की सप्लाई के लिए करार किया है।

-एजेंसी

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