झारखंड : अधिवक्ता राजीव कुमार का मामला दूसरे राज्य का, सुनवाई संभव नहीं : हाई कोर्ट

रांची, 2 अगस्त । झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार की कोलकता में गिरफ्तारी के बाद मुश्किलें बढ़ गयी हैं। बीते रविवार देर शाम राजीव कुमार की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद उनके पिता सत्यदेव राय ने झारखंड हाई कोर्ट में हेवियस कार्पस याचिका दायर की थी। इसपर मंगलवार को सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन एवं एसएन प्रसाद की खंडपीठ में हुई।

कोर्ट ने सुनवाई करते हुए याचिका को नहीं सुनने योग करार दे दिया। अदालत ने कहा कि मामला पश्चिम बंगाल का है, कोलकाता पुलिस ने रिमांड की मंजूरी ली है और स्थानीय अदालत इसको देख रही है। ऐसे में यह सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में कैसे हो सकती है। हालांकि, याचिका में अब तक दर्ज प्राथमिकी की सर्टिफाइड कॉपी नहीं प्रस्तुत की गई थी, जिसे लेकर अदालत ने एक सप्ताह का समय दिया, मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त मुकर्रर की गई है। प्रार्थी की ओर से स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्णा और एडवोकेट एसोसिएशन की अध्यक्षा ऋतु कुमार ने दलील पेश की। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन भी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता पुलिस की हरे स्ट्रीट थाना में अब तक किसी भी व्यक्ति को दर्ज प्राथमिकी की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गयी है। सोमवार को कोलकाता के सिटी और सेशन कोर्ट में अधिवक्ता राजीव कुमार को प्रस्तुत कर छह दिनों के रिमांड पर भी लिया गया है। पिता सत्यदेव राय की याचिका में कोलकाता पुलिस के द्वारा प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया गया है। लगभग 36 घंटे बीतने के बाद भी उनके परिजनों को उनसे मिलने नहीं दिए जाने की बात भी याचिका में कही गयी है।

(हि.स.)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *