Jharkhand Assembly Budget Session : विधान सभा में घोषणा पत्र को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

रांची, 18 मार्च । झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दौरान गुरुवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष घोषणा पत्र के मामले पर आमने-सामने आ गये। इससे सदन का माहौल थोड़ी देर के लिए गरमा गया। भाजपा विधायक अमित मंडल ने महागठबंधन के घोषणा पत्र पर सवाल उठाया कि राज्य में वृद्धा पेंशन 2500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था, उसका क्या हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ जिलों में तो पेंशन भी नहीं बंटा है।

इसके जवाब में सरकार की ओर से कहा गया कि घोषणा पत्र को सदन में नहीं पढ़ा जाये। इस पर विपक्ष के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि आपने भी 15 लाख रुपये और दो करोड़ नौकरियां देने की घोषणा की थी, दिया क्या। आलम ने कहा कि घोषणा राजनीतिक मंच पर होती है, सदन में नहीं।

विधानसभा सत्र के दौरान गुरुवार को सदन में तारांकित प्रश्नों का उत्तर दिया गया। विधायक रामदास सोरेन ने सवाल उठाया कि पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में स्वर्णरेखा परियोजना से नहर और सिंचाई सुविधा के लिए पंप हाउस का निर्माण हुआ था। यह अब तक शुरू नहीं हुआ है। यह कब तक शुरू होगा। मंत्री ने एक माह के भीतर शुरू करने की बात कही। इस दौरान नलिन सोरेन के सवाल पर पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने सदन को आश्वस्त किया कि दुमका के रानेश्वर में अर्जुन बांध का जीर्णोद्धार प्राथमिकता के आधार पर किया जायेगा।

लोबिन हेंब्रम के सवाल पर सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में साहिबगंज के मंडरों प्रखंड में रामनी नदी पर सिंचाई बांध की मरम्मत का आश्वासन दिया। पूर्णिमा नीरज सिंह के सवाल पर सरकार ने धनबाद नगर निगम के कब्रिस्तानों की घेराबंदी अगले वित्तीय वर्ष में पूरा करने आश्वासन दिया। उमाशंकर अकेला ने चौपारण प्रखंड के विभिन्न गांवों में लिफ्ट इरिगेशन नहीं होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि धान की फसल सिंचाई के बिना नहीं हो पा रही है। इस पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि इसी वित्तीय वर्ष में इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी।

(हि.स.)

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