Jharkhand Assembly Winter Session : विधानसभा में जेपीएससी पर हंगामा जारी, विपक्ष की मांग, सदन में मुख्यमंत्री रखें अपनी बात

रांची, 20 दिसम्बर । झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन भी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) पर हंगामा जारी है। सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के विधायक वेल में आ गए और हंगामा करने लगे।

भाजपा के विधायक अमर बाउरी ने भी स्पीकर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सदन में बुलाकर उनसे जेपीएससी पर बयान देने की मांग की। उन्होंने बताया कि यह गंभीर मुद्दा है। भाजपा की मांग का आजसू सुप्रीम सुदेश महतो ने भी अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बाहर में जेपीएससी पर बयान दे रहे हैं। राज्य के लिए अभी सबसे बड़ा मुद्दा जेपीएससी ही है।

वहीं भाजपा विधायक भानुप्रताप शाही ने मुख्यमंत्री के उस बयान का विरोध किया, जिसमें हेमंत सोरेन ने कहा था कि जेपीएससी का विरोध करने वाले बाहरी हैं। भानु ने सदन में कहा कि यह शर्मनाक है। न्याय के लिए सड़क पर बैठे छात्र झारखंड के हैं।

विपक्ष के हंगामे के बीच प्रश्नकाल चलाने की कोशिश

हंगामे को शांत करने के लिए स्पीकर रबिंद्र नाथ महतो ने कहा कि हंगामे के कारण आपलोगों का विधानसभा आना निरर्थक है, जिस विषय को लेकर वेल में है वह सदन में आ चुका है। स्पीकर रबिंद्र नाथ महतो ने विपक्ष के विधायकों से अपील की कि वे अनावश्यक सदन का कामकाज बाधित नहीं करें। इसी बीच कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी और उमाशंकर अकेला भी वेल में आ गए। स्पीकर ने उन्हें आसान पर बैठने का निर्देश दिया।

झामुमो विधायक समीर मोहंती के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि झारखंड में गरमा धान पर समर्थन मूल्य का प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर राज्य सरकार केंद्र सरकार से विमर्श करेगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में सिर्फ खरीफ फसल पर समर्थन मूल्य देने का प्रावधान है। गरमा धान पर किसी भी प्रदेश में समर्थन मूल्य देने का प्रावधान नहीं है।

(हि.स.)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *