Jharkhand : हर हाल में बिजली कटौती पर लगाएं रोक, निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की कार्य प्रगति की समीक्षा की

जेबीवीएनएल को पीएफसी से 750 करोड़ रुपये ऋण उपलब्ध कराएगी राज्य सरकार

रांची, 6 दिसंबर। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रालय में आज झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के कार्यों की अद्यतन समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य में बिजली कटौती पर हर हाल में रोक लगाई जाए। बिजली कटौती को रोकने के लिए हर जरूरी उपाय करें। राज्य की जनता को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से बिजली कटने की शिकायतें मिल रही हैं। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड राज्य में ऊर्जा क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण इकाई है। इसके जरिए ही पूरे राज्य में बिजली आपूर्ति की जाती है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड उपभोक्ताओं को सुचारू बिजली उपलब्ध कराने निमित्त बेहतर कार्य योजना बनाकर व्यवस्था दुरुस्त करे।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बिजली जेनरेटिंग कंपनियों का बकाया भुगतान के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को राज्य सरकार अपनी गारंटी पर पावर फाइनेंस कारपोरेशन (पीएफसी ) से 750 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर ली जाए, ताकि बिजली जेनरेटिंग कंपनियों का बकाया भुगतान किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बिजली बिल वसूली में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। बिजली बिल कलेक्शन के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करें। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड अब बिजली बिल वसूली नगर विकास विभाग में कार्यरत एजेंसियों द्वारा नगर विकास विभाग के हाउस टैक्स कलेक्शन प्रणाली के आधार पर करेगी, इस निमित्त जल्द ही कार्य योजना तैयार की जाएगी। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड पूरे राज्य के शहरी क्षेत्रों में बिजली बिल वसूली करने के लिए नगर विकास विभाग के मॉडल एवं शर्तों के आधार पर कार्य सुनिश्चित करेगी ताकि ऊर्जा राजस्व में कोई नुकसान राज्य सरकार को न हो।

हाई टेंशन उपभोक्ताओं की बिजली बिल की मॉनिटरिंग करें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली बिल वसूली के लिए हाई टेंशन (एचटी) उपभोक्ता के मीटर में कम्युनिकेशन एक्यूपमेंट लगाकर बिजली खपत की निरंतर मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं से शत प्रतिशत बिजली बिल वसूली सुनिश्चित करें। एचटी उपभोक्ताओं पर बिजली बिल बकाया न रहे यह आपकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने सभी टेलीकॉम टावर पर बिजली बिल का समय पर विपत्रिकरण प्रक्रिया पूरी कर बिजली बिल वसूल करें। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर कार्य को तेज गति से करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाया जाना सुनिश्चित की जाए।

व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को राज्य सरकार द्वारा वार्षिक विकास योजना (एडीपी) मद में 200 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाने पर अपनी सहमति दी। एडीपी मद से प्राप्त 200 करोड़ रुपये राशि का खर्च झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा राज्य में ट्रांसफार्मर, पोल, तार इत्यादि व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए किया जाएगा।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, वित्त विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, झारखंड ऊर्जा संचरण निगम के प्रबंध निदेशक केके वर्मा सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार

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