Jharkhand : स्थानीय और नियोजन नीति लटकाने, भटकाने और अटकाने वाला विधेयक : दीपक प्रकाश

रांची, 11 नवंबर । झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में शुक्रवार को हेमंत सरकार ने दो महत्वपूर्ण स्थानीय और नियोजन नीति के विधेयक को पास कर दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश ने हेमंत सरकार की नई स्थानीय और नियोजन नीति को लटकाने ,भटकाने और अटकाने वाला विधेयक बताया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य गठन के पूर्व से ही जन भावनाओं के साथ खड़ी है। भाजपा ने अलग राज्य के सपनों को साकार किया जबकि आज के सत्ताधारी दलों ने कैसे अलग राज्य के आंदोलन को बदनाम किया, बेचा और खरीदा, यह जनता जानती है। आज भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी सरकार, आरोपों से घिरे मुख्यमंत्री एवं उनके कुनबे को 32 महीने के बाद 1932 के खतियान की याद आ गई।

मुख्यमंत्री ने फिर एक बार फिर राज्य की जनता को दिग्भ्रमित किया है। इनकी मंशा साफ नहीं है। ये सिर्फ दिखावा करना चाहते हैं। इनके नीयत में खोट है। राज्य सरकार को स्थानीय नीति, नियोजन नीति बनाने, लागू करने का पूरा अधिकार भारत के संविधान ने दिया है फिर 9वीं अनुसूची की बहानेबाजी क्यों हो रही। इससे यह स्पष्ट हो चुका है कि हेमंत सोरेन सरकार की मंशा साफ नहीं है।

दीपक प्रकाश ने कहा कि जैसे भाजपा की पूर्व सरकार ने संकल्प के आधार पर स्थानीय नीति और नियोजन नीति को परिभाषित करते हुए लागू किया था, उसी तर्ज पर हेमंत सरकार भी बहाने बाजी छोड़ स्थानीय नीति और नियोजन नीति लागू करे। हेमंत सरकार का आदिवासी, दलित,पिछड़ा विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है। विधेयक में अनुसूचित जाति का उल्लेख तक नहीं है। ऐसे ही अपनी परंपरा संस्कृति का पालन करने वाला जनजाति समाज विकास की बाट जोह रहा है।

दीपक ने मुख्यमंत्री से उनके मंत्रिमंडल में हो, मुंडा, आदिम जनजाति समाज के लोगों की भागीदारी पर भी सवाल पूछा है। दीपक प्रकाश ने कहा कि आज जिस कांग्रेस की गोद में बैठकर हेमंत सोरेन सरकार चला रहे, उसी कांग्रेस ने 10 वर्षों तक मंडल कमीशन रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक अधिकार नहीं दिया था। आज ये लोग पिछड़ों की हितैषी बनने का नाटक कर रहे।

हिन्दुस्थान समाचार

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