झारखंड कैबिनेट : राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू, सवा लाख कर्मचारियों को होगा फायदा

मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना में अब मिल सकेंगे 10 लाख रुपये

रांची, 1 सितंबर। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में पुरानी पेंशन योजना को लागू करने के प्रस्ताव सहित कुल 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। पुरानी पेंशन योजना लागू होने की सूचना मिलते ही प्रोजेक्ट भवन परिसर में कर्मी खुशी मनाने लगे। सरकारी कर्मियों ने हेमंत सोरेन जिंदाबाद के नारे लगाए। पुरानी पेंशन योजना एक सितंबर से लागू मानी जाएगी। 16 जुलाई की कैबिनेट की बैठक में पुरानी पेंशन योजना लागू करने को लेकर विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गयी थी।

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। इसके बाद गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसे लागू करने की मंजूरी दे दी गई। राज्य के सवा लाख कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा। पुरानी पेंशन योजना लागू करना सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा का चुनावी वादा था। इसके अलावा मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत प्रभावित सुयोग्य व्यक्ति की चिकित्सा के लिए अनुदान की राशि पांच से 10 लाख किया गया। वहीं सूचीबद्ध रोगों की संख्या चार से बढ़ाकर 17 की गई।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

पांच सितंबर को हेमंत सरकार विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलायेगी।

कैबिनेट की बैठक में ग्राम रक्षा दल को पंचायत सचिव के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।

फिंगरप्रिंट सेवा नियमावली को भी मंजूरी दी गई।

चांडिल और तेनुघाट लघु जलविद्युत परियोजना को अब पीपीपी मोड पर चालू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगी। जेरेडा की ओर से पीपीपी मोड पर इसका संचालन किया जायेगा।

मेदिनीनगर स्थित नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले पांच डिग्री महाविद्यालय में प्राचार्य, सहायक अध्यापक और शिक्षक कर्मचारियों के लिए पदों के सृजन की अनुमति दी गई। इसके तहत 145 पदों पर बहाली का रास्ता साफ हो गया। पांच डिग्री कॉलेजों में इनकी नियुक्ति होगी।

हिन्दुस्थान समाचार

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