Jharkhand : सत्ता में आने के पहले और बाद से लगातार झूठ की खेती कर रहे मुख्यमंत्री : दीपक प्रकाश

रांची, 19 अगस्त । भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जनता से किये गये वादों की याद दिलाई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हेमंत सोरेन सत्ता में आने से पहले और मुख्यमंत्री बनने के बाद से लगातार झूठ की खेती कर रहे हैं। वंशवाद और भ्रष्टाचार की गठरी का बोझ उठाये सरकार की सहयोगी कांग्रेस भी अपने स्वरूप के मुताबिक काम कर रही है।

मुख्मयंत्री ने घोषणा की है कि निजी क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को 75 फीसदी आरक्षण मिल रहा है। जब स्थानीय नीति सरकार ने परिभाषित किया ही नहीं, तो स्थानीय कौन है। मुख्यमंत्री लोगों को शब्द जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी बात ये कि 40 हजार रुपये तक की नौकरी करने वाले स्किल्ड नौजवानों को सरकार दूसरे राज्यों में काम करने क्यों भेजना चाहती है। साफ है कि सरकार की नीति, नीयत और नेतृत्व में खोट है।

अनाज की हो रही है कालाबाजारी

दीपक प्रकाश ने कहा कि दाल-भात योजना में अनाज की हेराफेरी की खबरें आ रही हैं। 400 लोगों को खाना खिलाने की बात आई थी, लेकिन 40 लोगों को ही खिलाया जा रहा है। सारे अनाज की कालाबाजारी हो रही है। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में जनता के दुख भरे 75 हजार आवेदन आये थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे बतायें कि क्या उन 75 हजार आवेदनों में कितने मामलों पर संज्ञान लिया गया।

90 रुपये की साड़ी को 190 रुपये में खरीदा गया

उन्होंने कहा कि सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना का भी विज्ञापन अखबारों में खूब आया। इस योजना में 90 रुपये की साड़ी को 190 रुपये में खरीदा गया। धोती और लुंगी खरीदने में भ्रष्टाचार हुआ। जितने पैसे विज्ञापन पर खर्च हुए , उतने गरीब कल्याण पर खर्च होते तो गरीबों की स्थिति सुधर जाती। सरकार का विज्ञापन छापने वाले पीआरडी में क्या हो रहा है, यह भी सबको पता है। इस योजना के जरिये मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी के लोगों ने पैसा कमाने में चमत्कार किया है।

56 अस्पतालों को आयुष्मान का पैसा नहीं दिया

वहीं पेट्रोल-डीजल पर सब्सिडी देने का बड़ा-बड़ा विज्ञापन आया। लगा कि राज्य में अब मुफ्त में पेट्रोल-डीजल मिलेगा। 26 फरवरी 2022 को योजना शुरू हुई और जून आते-आते सिर्फ चार लोग लाभान्वित हुए। दीपक प्रकाश ने कहा कि गरीबों के इलाज के लिए आयुष्मान योजना लायी गयी, लेकिन राज्य सरकार ने उसका नाम बदल कर मुख्यमंत्री के नाम पर कर दिया। सरकार ने 56 अस्पतालों को आयुष्मान का पैसा नहीं दिया, जिसके कारण जरूरतमंद मरीज आयुष्मान कार्ड के बाद भी लाभ से वंचित हैं।

मुख्यमंत्री श्वेत पत्र जारी करें

दीपक प्रकाश ने कहा कि झारखंड के 13 जिले सुखाड़ से बुरी तरह प्रभावित हुए, लेकिन सरकार की नींद नहीं टूटी। जब केंद्र से पत्र आया तब सरकार चिरनिद्रा से जागी। इस सरकार को न किसान, न गांव-गरीब से मतलब है। इन्हें मतलब है लीज लेने और टेंडर घोटाला करने से। सरकार की सहयोगी कांग्रेस भी कम नहीं है। अपने घोषणापत्र में कांग्रेस ने लिखा था- किसान बैंक बनाया जाएगा, सिंचाई उपकरणों के लिए सब्सिडी दी जाएगी, सब्जियों का न्यूनतम समर्थन मुल्य लागू होगा, लेकिन हुआ कुछ नहीं। दीपक प्रकाश ने मुख्यमंत्री से सरकार की ओर से घोषित योजनाओं पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। कहा कि भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और झूठे चुनावी वादों को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी।

हिन्दुस्थान समाचार

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