Jharkhand CM Online Meeting : पंचायतों के साथ मुख्यमंत्री की ऑनलाइन बैठक

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15वें वित्त की राशि का उपयोग कोरोना संकट में करने की मांग

रांची, 29 अप्रैल : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को सभी जिलों के डीडीसी, डीपीआरओ, डीपीएम, जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत (कार्यकारी समिति के प्रधान) के प्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन बैठक की।

बैठक में मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से सहयोग मांगा। पंचायतों ने डिमांड रखी कि 15वें वित्त के पैसे का उपयोग कोरोना संकट के समय करने की व्यवस्था तय हो। साथ ही उन्होंने अपने यहां उपलब्ध व्यवस्थाओं, परेशानियों को भी साझा किया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भरोसा दिलाया कि सभी बिंदुओं पर काम किया जायेगा। गांव की सरकार के साथ मिलकर कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई लड़ी जायेगी।

पंचायतों को मिले जरूरी सामग्रियों की खरीद का अधिकार
कोडरमा जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने कहा कि अभी कोरोना संकट के समय मास्क, सैनिटाइजर, साबुन, ग्लव्स जैसे सामग्रियों के खरीद की नितांत आवश्यकता है। ऐसे में अभी की जरूरतों को देखते हुए 15वें वित्त के अनटाइड फंड का उपयोग करने का मौका पंचायतों को मिले।

इसके लिए सरकार दिशा-निर्देश जारी करे।साथ ही 54,000 से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों का वैक्सीनेशन कराया जाये। इससे वे और अधिक उत्साह के साथ कोरोना काल में काम कर सकेंगे। कोडरमा छोटा जिला है, बावजूद इसके कोरोना संक्रमित जिलों में वह चौथे नंबर पर है। अभी 117 आक्सीजन बेड हैं, 230 ऑक्सीजन सिलेंडर हैं लेकिन रेगुलेटर और किट की कमी है। सदर सहित दूसरे अस्पतालों में मैनपावर की भी समस्या है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दो-तीन दिनों में जरूरी सामग्रियां उपलब्ध हो जायेंगी जो चीन से मंगायी जा रही हैं।

सभी जिलों से पंचायत प्रतिनिधियों, डीडीसी ने अपने अपने जिलों में उपलब्ध व्यवस्थाओं के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी। इसमें खासकर कोरोना वैक्सीन को लेकर दुष्प्रचार, जागरूकता की कमी, अस्पताल में मैनपावर, पैरासिटामोल सहित अन्य दवाईयां और ऑक्सीजन बेड की कमी के ऊपर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया। प्रवासी मजदूरों की कुछ ही जिलों में रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड पर जांच कराये जाने से संभावित खतरों पर भी चर्चा हुई। कुछ ने राज्य में तीन सप्ताह तक का मिनी लाकडाउन जारी रखने की वकालत की।

हेमंत सोरेन ने जिलों में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। साथ ही कहा कि कोरोना वैक्सीन के लिए पंचायत स्तर पर जन जागरूकता बढ़ाये जाने की जरूरत है। अभी की रिपोर्ट के मुताबिक 10,000 में 3-4 लोगों के ही जान गंवाने का आंकडा सामने आ रहा है। वैक्सीन पूरी तरह से लोगों के लिए है। ऐसे में गांव, कस्बे के धर्मगुरुओं, प्रख्यात लोगों की मदद से जागरूकता कार्यक्रम बढ़े। इसके अलावा जो समस्याएं सामने आ रही हैं, उसका निराकरण जल्द ही सरकार करेगी। पंचायतों के साथ मिलकर संक्रमण के खतरे से लडाई में आसानी होगी।

इस मौके पर नगर विकास सचिव विनय कुमार चौबे, पंचायती राज निदेशक आदित्य रंजन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार

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