Jharkhand Congress : महंगाई के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन करेगी कांग्रेस

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रांची, 23 फरवरी : पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सहित आवश्यक वस्तुओं के दामों में बढ़ोत्तरी के खिलाफ कांग्रेस ने राज्यव्यापी आंदोलन का निर्णय किया है। इसके लिए पार्टी चरणबद्ध तरीके से केन्द्र सरकार के खिलाफ बिगुल फूंकेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने मंगलवार को अपने आवास पर अनौपचारिक पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आंदोलन के क्रम में पार्टी 25 फरवरी को सभी जिला मुख्यालयों में प्रेस कांफ्रेंस कर केन्द्र सरकार की जन विरोधी नीतियों का पर्दाफाश करेगी, जबकि 26 फरवरी को सभी जिला मुख्यालयों पर मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद 27 फरवरी को जिला मुख्यालयों पर राज्य स्तरीय धरना दिया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोत्तरी पर चिंता जतायी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का यह बयान हास्यास्पद है कि पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमत पर अंकुश लगा पाना अब केंद्र सरकार के हाथों में नहीं, बल्कि पेट्रोलियम कंपनियों के ऊपर निर्भर है।

उरांव ने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ अब आम जनता को भी सड़क पर उतरने की जरूरत है। पार्टी इसे लेकर जन जागरुकता अभियान भी चलाएगी। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि कच्चे तेल का घरेलू उत्पादन करने वाली सरकारी कंपनी ओएनजीसी का बजट ही मोदी सरकार ने काट दिया है, जबकि साल 2020-21 में ओएनजीसी का बजट 32,501 करोड़ था। इस साल कम करके 29,800 करोड़ कर दिया गया है।

विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि कोरोना संक्रमण से लेकर अब तक कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहद निचले स्तर पर है। इसके बावजूद इसका फायदा आम जनता को मिलने की जगह कॉरपोरेट घरानों और तेल कंपनियों को मिल रहा है। सरकार लगातार एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोत्तरी कर रही है। कृषिमंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि पिछली सरकारों ने कच्चे तेल का घरेलू उत्पादन नहीं किया, लेकिन आंकड़े कहते हैं उनकी कंपनियों के घरेलू कच्चे तेल का उत्पादन भाजपा सरकार में सालाना 53,66,000 मीट्रिक टन गिरा।

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि साल 2020 में घरेलू कच्चे तेल का उत्पादन पिछले 18 साल में सबसे कम है। मई 2014 से लेकर जनवरी 2021 तक मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स लगाकर जनता की जेब से भारी-भरकम राशि कमाए हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2014 के पहले जब पेट्रोल-डीजल की कीमत में 10 पैसे की भी वृद्धि होती थी तो भाजपा नेता सड़क पर उतर कर हो-हल्ला मचाना शुरू कर देते थे। लेकिन, अब जब लगातार पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में बढ़ोत्तरी हो रही है तो भाजपा नेताओं के मुंह पर ताला लग गया है।

हिन्दुस्थान समाचार

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