Jharkhand Congress : नये कृषि विधेयकों से किसानों की आजादी खतरे में पड़ जाएगी : रामेश्वर

रांची, 08 अक्टूबर : कांग्रेस की ओर से आगामी 10 अक्टूबर को देशभर में किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति रामेश्वर उरांव के मार्गनिर्देशन में सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

उरांव ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित नये कृषि विधेयकों से किसानों की आजादी खतरे में पड़ जाएगी। भंडारण की सीमा को खत्म कर जमाखोरी बढ़ाने और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से पूंजीवाद को बढ़ावा देने के केंद्र के फैसले से किसान को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि इससे किसान और उपभोक्ता दोनों को हानि होगी।

सम्मेलन की तैयारियों को लेकर आज कांग्रेस जनों की बैठक रांची स्थित कांग्रेस भवन में हुई। बैठक में नये कृषि बिल के खिलाफ पार्टी द्वारा do से 31 अक्टूबर तक चलाये जा रहे हस्ताक्षर अभियान की भी समीक्षा हुई। वहीं 10 अक्टूबर को आहूत किसान सम्मेलन को सफल बनाने की विस्तृत रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि 1885 में पार्टी की स्थापना काल से ही संगठन आम जन, किसान, मजदूर, व्यवसायियों समेत सभी वर्ग के कल्याण में लगी है।

पिछली सदी में देश को कई बार भीषण आकाल का सामना करना पड़ा। इसे देखते हुए कांग्रेस शासनकाल में किसानों के हितों की रक्षा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और अन्य कानून बनाये गये, लेकिन अब इन कानूनों को पूंजीपतियों के हित में बदलाव करना देश के 62 करोड़ किसानों के लिए खतरे की घंटी है।

दूबे ने कहा कोरोना महामारी होने के बावजूद डा रामेश्वर उराँव एक मंत्री होते हुए भी कृषि कानून एवं हाथरस की घटना को लेकर लगातार सड़कों फर हैं,ऐसे में कांग्रेस जनों की जिम्मेवारी अधिक बढ़ जाती है।

बैठक में विभय शाहदेव, आमया के मो.नौशाद, अमरजीत सिंह, सोनी नायक,जितेन्द्र त्रिवेदी, राखी कौर,आसिफ जियाउल आदि उपस्थित थे।

एजेंसी

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