Jharkhand : कोरोना संक्रमण काल का उपयोग केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया -झामुमो

रांची, 24 सितम्बर। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल का उपयोग केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया। 17 से 23 सितंबर के बीच संसद में किसानों और मजदूरों के लिए जो कानून पेश किये गये वे उनके लिए विध्वंसकारी साबित होंगे। भट्टाचार्य गुरुवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सीपी सिंह को रट्टू तोता बताते हुए कहा कि इतना सीनियर लीडर कागज देखकर बात कर रहा था। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि इन कानूनों का आरएसएस क्यों विरोध कर रहा है। बीएमएस क्यों इसके विरोध में है।

मजदूरों की गर्दन जबह करने की कोशिश 

भट्टाचार्य ने कहा कि 22 और 23 सितंबर को श्रम सुधार के नाम पर जो कानून पास किये गये उससे मजदूरों की गर्दन मरोड़ने नहीं बल्कि जबह करने की कोशिश की गयी। उन्होंने कहा कि संविधान में अशोक स्तंभ के जरिये जिस जगह रिपब्लिक आॅफ इंडिया लिखा गया है वहां अब कॉरपोरेट आॅफ इंडिया लिखा जायेगा। यह हमारा नहीं भारतीय मजदूर संघ का कथन है। बुधवार को श्रम सुधार के नाम पर जो बिल पास किया उसका भारत की दस बड़ी ट्रेड यूनियनें विरोध कर रही हैं। बीएमएस ने भी कहा है कि यह कानून श्रमिकों के लिए नहीं बल्कि कॉरपोरेट के लिए है। इन कानूनों के जरिये इंप्लायर को यह अधिकार दे दिया गया कि अब उन्हें कर्मियों को स्थायी रखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कहती है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, तो उन्हें बताना चाहिए कि बीते 45 सालों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर आज क्यों है और देश की जीडीपी लगातार नीचे क्यों जा रही है। सरकार के गोदाम में अडानी को कालाबाजारी की छूट मिली।उन्होंने कहा कि भंडारण की सीमा पर रोक हटना कितना भयावह है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पंजाब के मोगा में 2100 एकड़ में अडानी का वेयरहाउस बनकर तैयार है। वहीं रोहतक में अंबानी का 1600 एकड़ में वेयरहाउस बनकर तैयार है। इनमें से अडानी के वेयरहाउस को गूगल मैप से देखें तो साफ दिखेगा कि अडानी वेयर हाउस हाइपोथेकेटेड टू एफसीआई। यानी सरकार के गोदाम में अडानी को कालाबाजारी की छूट मिल गयी है। उन्होंने कहा कि आलू-प्याज और अनाज पर से आवश्यक वस्तु अधिनियम हटने की वजह से ही आलू-प्याज के दाम बढ़े हैं। केंद्र सरकार ठेका मजदूरी को बढ़ावा देने में जुट गयी है। झामुमो इनका विरोध करेगी।

 (हि. स.)

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