Jharkhand Corruption Update : झारखंड में डबल इंजन की सरकार में छात्रों को टी-शर्ट वितरण में हुआ बड़ा घोटाला: सरयू राय

Insight Online News

रांची। झारखंड राज्य ने स्थापना के बाद से ही आर्थिक घोटाले और घोटालेबाजों के काले कारनामों के लिए काफी ख्याती विश्व भर में प्राप्त की है। घोटालों के कारनामें झारखंड के कुछ बेइमान राजनेताओं और बेइमान प्रशासनिक पदाधिकारियों की मिलीभगत से काफी चर्चित रहे हैं।

इस कड़ी में इनसाईट ऑनलाइन न्यूज ने वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा डबल इंजन की पूर्व सरकार को भरपूर आइना दिखाया जिसक लिंक इस न्यूज रिपोर्ट

Hemant Soren Exposes Raghuvar Goverment’s black deeds : झारखंड में हेमंत सोरेन ने डबल इंजन की पूर्व रघुवर दास की भाजपा सरकार को दिखाया आइना के साथ है और उस सरकार में हुये काले कारनामों को उजागर किया। एक तरफ जहां भाजपा भ्रष्टाचार मुक्त भारत और राज्यों की बात करती है वहीं झारखंड में एक-एक कर के उसके द्वारा चलाई गई डबल इंजन की सरकार के भ्रष्टाचार भरे कारनामें समय-समय पर उजागर हो रहे हैं।

हाल ही में झारखंड के लगभग कई लाख छात्रों के साथ टी-शर्ट वितरण मामले में जो छल हुआ है उसको विधायक सरयू राय ने बहुत स्पष्ट तरीके से विधानसभा में उजागर किया है जिसका कोई जवाब भाजपा के पास नहीं है तथा सरयू राय ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को भी इस दशा से अवगत कराया है। टी-शर्ट वितरण घोटाला अपने आप में बहुत दुखद है और शिक्षा जगत के लिए एक हथौड़े की चोट है जिसकी आवाज लगभग 9 हजार स्कूलों में छात्रों और अध्यापकों के बीच गूंज रही है। इस कालिख को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को आगे आकर मिटाना चाहिए या डबल इंजन की सरकार के कर्ताधार्ताओं को कटघरे में खड़ा कर जवाब मांगना चाहिए।

झारखंड विधानसभा में सवालों का सिलसिला जो जारी रहा उसमे यह बात उठी

झारखंड स्थापना दिवस-2016 के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच टॉफी व टी-शर्ट वितरण में बड़ा घोटाला सामने आया है। प्रदेश के 9000 स्कूलों में टॉफी व टी-शर्ट बंटे ही नहीं और कागज पर आपूर्ति दिखा दी गयी। सदन में विधायक सरयू राय के आरोपों को सही माना है। विधायक सरयू राय के सवाल पर सरकार ने इस घोटाले की जांच का आदेश दे दिया है। घोटाला करोड़ों में बताया जा रहा है। सरकार की ओर से वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने सदन को आश्वस्त किया कि इस घोटाले की जांच में तीन विभागों से समन्वय स्थापित किया जाएगा, जिसमें स्कूली शिक्षा विभाग, वाणिज्य कर विभाग और परिवहन विभाग शामिल हैं।

तीनों विभाग के बीच आपसी बातचीत के बाद पूरे प्रकरण की शीघ्र जांच पूरी की जाएगी और जो दोषी होंगे उनपर कार्रवाई होगी। सरयू राय ने सवाल उठाया था कि राज्य स्थापना दिवस 2016 के दिन स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच वितरण के लिए टॉफी की आपूर्ति लाला इंटरप्राइजेज जमशेदपुर ने की थी। वहीं, पांच करोड़ रुपये के टी-शर्ट की आपूर्ति का काम कुड़ू फैब्रिक्स लुधियाना को दिया गया था। हकीकत यह है कि राज्य के 9000 स्कूलों तक ना टॉफी पहुंची और ना ही टी-शर्ट, जबकि इसके एवज में भुगतान पूरा हो गया था। उन्होंने सदन में इस घोटाले की किसी निष्पक्ष संस्था से जांच का आग्रह किया।

मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि कुड़ू फैब्रिक्स ने लुधियाना से रांची, धनबाद, जमशेदपुर में टी-शर्ट आपूर्ति करने के लिए झारखंड सहित अन्य राज्यों से रोड परमिट नहीं लिया।इनपर रोड टैक्स के एवज में 17 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।

जबतक इस तरह की खरीद और वितरण में सीधा स्कूलों या किसी भी विभाग को राशि सीधे उपलब्ध नहीं कराई जायेगी तब तक इस तरह के घोटाले होते रहेंगे! झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के छोटे विभागों में खरीद के लिए यदि सीधी राशि दी जाती है जैसा कि टी-शर्ट मामले में अगर दी जाती तो स्थानीय व्यापारियों से खरीद होने पर झारखंड का पैसा झारखंड में ही रोटेट होता और व्यापारिक संभावनाएं जिलावार बढ़ती।

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