Jharkhand : वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव का केंद्र सरकार पर हमला

रांची :- कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने प्रेस वार्ता कर किसान बिल के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर और भी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि यह बिल संघीय ढांचा पर आक्रमण करने के बराबर है क्योंकि बिना राज्यों की राय लिए ही इस कानून को पास कर दिया गया जिससे यह प्रतीत होता है कि केंद्र सरकार पूंजीवादी प्रथा को बढ़ावा दे रही है.

रामेश्वर उरांव ने कहा कि मिनिमम सपोर्ट प्राइस (एमएसपी) जो किसानों के लिए एक आधार होता है उस पर भी अभी तक किसी तरह का विचार नहीं किया गया है सरकार इस पर कानून लाए तो फिर विश्वास किया जा सकता है अन्यथा केंद्र सरकार और भाजपा पर विश्वास करना बेहद मुश्किल है. उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार ने पूर्व में जीएसटी को लागू किया था जिसमें यह तय किया गया था कि अगर राज्य सरकार को आय की कमी होगी तो कंपनसेशन के तौर पर केंद्र सरकार के द्वारा मदद किया जाएगा और झारखंड सरकार ने भी इस बात पर विश्वास करके राज्य 13 करों (टैक्सेस) को जीएसटी में समाहित कर दिया था. लेकिन कोरोना का बहाना बनाकर किसी तरह का लाभ केंद्र सरकार के द्वारा नहीं दिया जा रहा है. वहीं उन्होंने किसी बिल पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार मंडी प्रथा को समाप्त करने जा रही है लेकिन इससे छोटे किसानों और मंडियों में काम करने वाले लोगों के रोजगार पर सीधा असर पड़ेगा.

केंद्र सरकार भंडारण की सीमा को कर रही समाप्त

कृषि बिल को लेकर वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि केंद्र सरकार भंडारण की सीमा को समाप्त कर रही है जिससे जमाखोरी जैसी समस्या बढ़ेगी जिससे महंगाई और ब्लैक मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जायेगा. वहीं प्रेस वार्ता में बैठे ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि यह सरकार ना मंडी को सुरक्षित रख रही है ना ही मंडी में काम करने वाले लोगों को. कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग का झांसा देकर भाजपा किसानों को ठगने का काम कर रही है, इसीलिए पूरे राज्य में कांग्रेस ये प्रण लेती है कि अगर सरकार किसान बिल को वापस नहीं लेती है तो आने वाले समय में कांग्रेस अपने आंदोलन को और भी तेज करेगी.

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