Jharkhand High Court Update : रांची डीसी व नगर आयुक्‍त जलस्‍त्रोतों के अतिक्रमण का स्‍वयं करें निरीक्षण – हाईकोर्ट

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रांची, 25 मार्च : झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को रांची के बड़ा तालाब सहित अन्य जलस्रोतों को संरक्षित करने और अतिक्रमण मुक्त करने को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में हुई।

अदालत ने कहा कि रांची के उपायुक्त और नगर आयुक्त यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी हाल में अब से जलस्रोत के आसपास अवैध निर्माण और अतिक्रमण ना हो। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि राज्य सरकार के शपथ पत्र से ही स्पष्ट हो रहा है कि आने वाले दिनों में रांची में पानी की कमी होने वाली है। ऐसे में हम सभी का दायित्व है कि पानी की कमी की समस्या से निपटने के लिए काम करें, नहीं तो आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी।

चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन ने कहा कि आने वाले दिनों में वे स्वयं रांची व उसके आसपास के जलस्रोतों का निरीक्षण करेंगे़, ताकि वर्तमान स्थिति का पता चल सके। अदालत ने इस मामले में सरकार की ओर से दाखिल जवाब को आदेश के तहत नहीं मानते हुए फिर से बिंदुवार जवाब देने का निर्देश दिया है।

उल्लेखनीय है कि पिछली सुनवाई को अदालत ने राज्य सरकार और नगर निगम से पूछा था कि 30 साल पहले रांची में कितने जलस्रोत से थे। वर्तमान में उनकी स्थिति क्या है और कितने क्षेत्र में हरियाली थी। हालांकि राज्य सरकार की ओर से शपथ पत्र दायर कर बताया गया है कि रांची के जलस्रोतों का सर्वे करने के लिए 8 सदस्य तकनीकी कमेटी का गठन किया गया है ।

कमेटी मेंरांची नगर निगम के अपर नगर आयुक्त, उप नगर आयुक्त, डीएफओ या उनके प्रतिनिधि, अपर समाहर्ता, पेयजल व स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, रांची नगर निगम के कार्यपालक अभियंता व शहर (रांची) के अंचलाधिकारी को शामिल किया गया है। कमेटी वर्ष 1929 के दौरान रांची में जलाशयों की स्थिति पर सर्वे करेगी। उक्त कमेटी रांची नगर निगम के उप नगर आयुक्त की अध्यक्षता में बनाई गई है, जो जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर हाई कोर्ट की ओर से पारित आदेशों के अनुपालन कराना भी सुनिश्चित करेगी। मामले को लेकर अधिवक्ता खुशबू कटारुका ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि रांची बड़ा तालाब के आसपास अतिक्रमण किया गया है और आसपास की सारी गंदगी उसमें डाली जा रही है। इससे तालाब का पानी खराब और दूषित हो रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार

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