Jharkhand : साइबर अपराध में फंसाने के एवज में सहायक पुलिस ने वसूले 75 हजार

वीडियो वायरल होने के बाद हटाए गए सहायक पुलिस आनंद

दुमका, 22 सितंबर । अभी तक साइबर अपराधी लोगों को झांसे में लेकर गाढ़ी कमाई लूटा करते थे। अब अपराधियों पर नकेल कसने वाली पुलिस ही लोगों को साइबर अपराधी बनाकर रिहा करने के एवज में उगाही कर रही है। ताजा मामला उप राजधानी दुमका की है। यहां साइबर सेल में तैनात सहायक पुलिस आनंद कुमार देय ने शिकारीपाड़ा के एक युवक को साइबर अपराधी बनाकर पहले सेल में डाला और फिर छोड़ने के एवज में 75 हजार रुपये भी वसूल कर लिया। बुधवार की देर शाम लेनदेन का वीडियो वायरल होने के बाद आनंद को तत्काल सेल से हटाकर जांच शुरू कर दी गई है।

ये है पूरा मामला

पीड़ित शिकारीपाड़ा के द्वारपहाड़ी गांव का रहने वाला अली हुसैन है। अली ने बताया कि वह बीआरओ के तहत हिमाचल प्रदेश में काम करता है। कुछ दिन पहले घर आया तो दांत में दर्द हुआ। डाक्टर के पास गए तो उन्होंने दांत उखाड़ दिया। फिर से दर्द उठने पर 15 सितंबर को डाक्टर के पास फिर से जांच कराने के लिए गया, तो डॉक्टर ने दवा दी और कहा कि खाली पेट दवा नहीं खाना है। घर जाने के क्रम में कुरूवा में एक होटल में खाना खा रहे थे। वहीं पर पहले से एक व्यक्ति खाना खा रहा था।

खाना शुरू ही किया था कि तभी पुलिस की जीप से तीन लोग सादे लिबास में उतरे और हाथ पकड़ लिया। कहा कि साइबर अपराध करता है। तुम्हारी लंबे समय पुलिस को तलाश थी। जब जवानों को सारी बात बताई और दवा का पर्चा दिखाया भी तो कुछ सुना ही नहीं। विरोध किया तो पीटने की धमकी दी। डर के कारण उनके साथ चले गए। तीनों ने सीधे साइबर सेल में डाल दिया।

एक सिपाही ने कहा कि अपराधी बनने से बचना चाहते हो तो डेढ़ लाख रुपये देना होगा। वरना झूठे केस में फंसा देंगे। शाम तक बंद रखा। किसी तरह से 75 हजार देने की बात पर तैयार किया। घर के लोगों से बात की और किसी तरह से ससुर ने आकर सारे पैसों की व्यवस्था की। पैसा मिलने के बाद देर शाम को छोड़ा। लेन-देन का पुरा वीडियो कैमरे में कैद हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद वरीय पदाधिकारी हरकत में आये और आरोपित सहायक पुलिस को साईबर सेल से हटा दिया।

मामले में साईबर डीएसपी शिवेंद्र कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी बनाने के नाम पर पैसे लेने का एक वीडियो वायरल होने के बाद सेल में तैनात सहायक पुलिस आनंद को हटाते हुए एसपी से कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। जांच कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सहायक पुलिस के साथ और दो कौन लोग थे।

हिन्दुस्थान समाचार

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