झारखंड : स्कूल खुलने पर आइसोलेशन सेंटर बनाना होगा

लॉकडाउन-4 लागू होते ही स्कूलों के खोलने की तैयारी भी शुरू हो गई है। पांच महीने बाद इस महीने के आखिर तक माध्यमिक स्तर के बच्चे अपने स्कूल जा सकते हैं। कोविड की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से सभी स्कूलों को कई हिदायतें दी गई हैं।

स्कूल खुलने के बाद स्कूलों को क्या-क्या एहतियात बरतने होंगे, इसकी पूरी सूची स्कूलों को भेजी गई है। इसके तहत स्कूल खोलने के साथ यहां आइसोलेशन सेंटर भी खोला जाएगा। स्कूल में किसी छात्र, शिक्षक या स्टाफ में कोरोना का किसी प्रकार का कोई लक्षण नजर आता है, तो उन्हें तुरंत इस आइसोलेशन सेंटर में रखा जाएगा। इसके बाद वहीं से नजदीकी अस्पताल या कोरोना आइसोलेशन सेंटर में पुहंचाया जाएगा। बोर्ड की ओर से भेजे गए एसओपी में छात्र, शिक्षक और स्टाफ के लिए अलग-अलग एहतियात बताए गए हैं।

छोटे रूम में नहीं होगी पढ़ाई : बोर्ड की ओर से भेजे गए निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि अगर स्कूल का कोई कमरा छोटा है, तो उसमें पढ़ाई न कराएं। अगर सभी कमरे की साइज छोटी है, तो कमरे की जगह बरामदे में क्लास लें। किसी भी सूरत में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जाए। बच्चों के बीच कम-से-कम दो मीटर की दूरी जरूरी है, ताकि बच्चों को किसी प्रकार का कोई खतरा न हो।

एसेंबली हॉल में बचाव की जानकारी : स्कूल खुलने के बाद कोरोना से बचाव के लिए जरूरी एहतियात के बारे में भी बच्चों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए स्कूल की दीवारों, नोटिस बोर्ड, कॉमन रूम और एसेंबली हॉल आदि जैसी जगहों पर कोरोना बचाव से संबंधित निर्देश भी लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य बच्चों को हमेशा इस बात के लिए अलर्ट रखना है कि उनकी क्या गलती, उनके स्वास्थ्य को बिगाड़ सकता है। इसलिए वे कोरोना से बचाव के लिए हमेशा अलर्ट रहें।

इनसाइटऑनलाईनन्यूज/एजेन्सी

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