Jharkhand Legislative Assembly : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, भाजपा विधायकों ने किया विरोध

Insight Online News

रांची, 03 सितंबर : झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत शुक्रवार को भाजपा विधायकों के शोर-शराबे और हंगामे के साथ हुआ।

मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की ओर से सदन में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं दिये जाने का मसला शोक प्रस्ताव के दौरान उठाया गया। भाजपा विधायकों ने कहा कि श्री मरांडी भाजपा विधायक दल के नेता है इसलिए शोक प्रस्ताव पर उन्हें ही बोलने का मौका दिया जाना चाहिए लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा के बिरंचि नारायण को यह अवसर दिया जिसका भाजपा सदस्यों ने विरोध किया।

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने अपने प्रारंभिक संबोधन में कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद आज पहली बार सभी एकत्र हो रहे है और इस विभिषिका में हर किसी ने अपने को खोया है। इस महामारी का भय अब तक खत्म नहीं हुआ है, परंतु अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए यहां एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत अगस्त क्रांति दिवस की 79वीं वर्षगांठ मना रहा है, जिसे भारत छोड़ो आंदोलन के रूप में जाना जाता है। यह दिवस देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक मील का पत्थर माना जाता है, क्योंकि 8अगस्त 1942 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन की बेड़ियों को तोड़ने और करो या मरो का आह्वान किया था। यह दिवस सभी को महात्मा गांधी के आदर्शां और भारत की आजादी में बलिदान देने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों के शौर्य गाथा को मान देने का है। सभी को सदन में स्थापित लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं को मान देना होगा। झारखंड की जनता ने जिस उम्मीद और आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए सदन में भेजा है, उनकी उम्मीद और विश्वास पर सभी को खरा उतरना होगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अभी खेलों का महाकुंभ टोक्यो ओलंपिक समाप्त हुआ है, किसी भी खिलाड़ी के लिए ओलंपिक में हिस्सा लेना ही बहुत बड़ी उपलब्धि होती है और पदक हासिल करना किसी सपने के साकार होने जैसा होता है। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने रजत पदक से शुरुआत की और देश के अभियान का स्वर्णिम सुखांत नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक के साथ हुआ। भारतीय महिला हॉकी टीम ने जिस जज्बे के साथ अपने प्रतिद्वंदी टीम का मुकाबला किया, वह सराहनीय है। इस टीम में झारखंड की दो बेटियां निक्की प्रधान, सलीमा टेटे भी शामिल थी। भारतीय महिला टीम ने पदक की उम्मीद करोड़ों भारतीय जन मानस के मन में जागृत किया, यह किसी पदक से कम नहीं है। उन्होंने टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में भाग लेने वाले देश के उन समस्त खिलाड़ियों का भी अभिनंदन किया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में ऊंची उड़ान भरने के जज्बे को दिखाया है।

विनय, जारी वार्ता

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