Jharkhand news : झारखंड में बड़े स्तर पर अधिकारियों के कैडर पोस्ट खाली

रांची, 11 सितम्बर । राज्य पुलिस में बड़े स्तर पर अधिकारियों के कैडर पोस्ट खाली हैं। आलम यह है कि राज्य पुलिस मुख्यालय में ही पुलिस के कैडर पोस्टों पर अफसरों की तैनाती नहीं होने से विभागीय कामकाज के साथ-साथ नक्सल अभियान, पुलिस आधुनिकीकरण जैसे कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।

राज्य गठन के बाद ऐसा पहली बार हुआ हैं। पुलिस मुख्यालय में भी कई अहम पद खाली हैं। इनमें एडीजी अभियान, एडीजी मुख्यालय, एडीजी आधुनिकीकरण, आईजी मुख्यालय का पद खाली है। 20 सालों में पहली बार देखा गया है कि मुख्यालय में ये सारे बड़े पद खाली हैं। राज्य पुलिस मुख्यालय में डीजी या एडीजी मुख्यालय का पद खाली है। वहीं, मार्च महीने में एडीजी आधुनिकीकरण पद से आरके मल्लिक की प्रतिनियुक्ति होने के बाद ये पद खाली है।

पुलिस आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण का पद एक कैडर पोस्ट है। राज्य में आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण के कैडर पोस्ट को बांटकर काम लिया जा रहा है। पुलिस प्रशिक्षण का प्रभार सीआईडी एडीजी अनिल पालटा के जिम्मे है, जबकि आधुनिकीकरण का पद मार्च से रिक्त है। इस पद पर रिक्ति होने से पुलिस में आधुनिकीकरण और खरीद से जुड़े कई काम प्रभावित होते हैं।

एडीजी अभियान रहे मुरारीलाल मीणा को विशेष शाखा का एडीजी बनाया गया था। लेकिन एडीजी अभियान के तौर पर किसी अधिकारी की पोस्टिंग नहीं हुई। ऐसे में नक्सल अभियान की मॉनिटरिंग करने वाले प्रमुख का पद भी रिक्त है। पुलिस के आईजी मुख्यालय विपुल शुक्ला भी रिटायर हो गए, उनकी रिटायरमेंट के बाद से यह पद भी खाली है। स्पेशल ब्रांच में भी आईजी और डीआईजी के कैडर पोस्ट हैं, जिन्हें रिक्त रखा गया है।

राज्य पुलिस सेवा के अफसरों को प्रमोशन देकर आईपीएस बनाने के लिए 45 पद हैं। लेकिन वर्तमान में प्रमोशन से भरे जाने वाले 20 पद रिक्त हैं। 37 एएसपी का पद खाली है । 36 सीनियर डीएससी का पद खाली है। 10 साल से ज्यादा की सर्विस में 42 डीएसपी है, फिर भी प्रमोशन अब तक नहीं मिला । 2017 से अब तक आईपीएस में प्रमोशन के लिए सरकार फाइल नहीं भेज नहीं रही है । 42 सीनियर डीएसपी हैं, जो आईपीएस बन सकते है। आईपीएस के पद खाली होने के कारण कई महत्वपूर्ण पद प्रभार में चल रहे है ।

इनमें जैप के समादेष्टा 5, आईआरबी के समादेष्टा, झारखंड जगुआर में एसपी, सीआईडी स्पेशल ब्रांच में 6 एसपी, एसीबी में 5 एसपी सहित कई अन्य महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। 2016 के बाद किसी डीएसपी को आईपीएस में प्रोन्नति नहीं दी गई ।योग्य अधिकारी होने के बाद भी सरकार प्रोन्नति ना देकर बाहर के सीआरपीएफ ,बीएसएफ के अधिकारी को ला रही है । इससे अधिकारी संवर्ग में अंदर ही अंदर रोष है।

(हि.स.)

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