Jharkhand News : झारखंड में दुग्ध के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं-बादल

रांची, 16अक्टूबर । झारखंड में दुग्ध के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और इस प्रयास में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ झारखंड स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क फेडरेशन के एमओयू के विस्तारीकरण होने से दुग्ध के क्षेत्र में किसानों को एक बड़ी राहत मिलेगी। कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल ने शुक्रवार को  कहा कि मैंने जैसे ही झारखंड सरकार के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री के तौर पर शपथ ली। ठीक उसके बाद 28 फरवरी 2020 को एनडीडीबी के पदाधिकारियों और अपने निदेशक के साथ समीक्षा बैठक की।

2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक सपना देखा था कि झारखंड के किसानों के लिए रोजगार के रूप में दुग्ध क्षेत्र सबसे बेहतर हो सकता है। तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की सरकार ने 1 मार्च 2014 को एमओयू किया जिसकी अवधि 31 मार्च 2019 तक थी ,लेकिन इस एमओयू के विस्तारीकरण को लेकर पूर्व की सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया, एमओयू का विस्तारीकरण क्यों नहीं किया गया, यह मैं नहीं जानता हूं, बस मैं इतना जानता हूं कि एनडीडीबी एक ईमानदार संस्था है, जो पूरे विश्व में सिर्फ और सिर्फ अपने बेहतर काम और ईमानदारी के लिए जानी जाती है। ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सपने को साकार करने और दूध के क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपने विभागीय सचिव को कहा कि एनडीडीबी जैसी संस्था इस राज्य को छोड़कर ना जाए इस पर त्वरित गति से काम किया जाए।

कैबिनेट में एनडीडीबी के साथ एमओयू की स्वीकृति दे दी गई है, यह स्वीकृति 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2024 तक के लिए दी गई है , बादल ने कहा कि साहिबगंज ,सारठ और पलामू में 50000 लीटर क्षमता वाले डेयरी प्लांट बन रहे थे जो आधे अधूरे पड़े हुए हैं, सर्वप्रथम उन प्लांटों को 1 साल के अंदर पूरा करा लिया जाएगा, हमारी प्राथमिकता होगी की इस प्लांट को 50000 लीटर प्रति दिन से बढ़ाकर 100000 लीटर तक किया जाए, आने वाले समय में कई और जगहों पर डेयरी प्लांट खोले जाएंगे। उसने कहा कि उनकी सोच है कि आने वाले समय में झारखंड मिल्क फेडरेशन 500000 लीटर दूध प्रतिदिन किसानों से ले। जिससे हमारे किसानों को गांव और घर में एक बेहतर रोजगार मिल सके।

( हि.स.)

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