Jharkhand News Update : अप्रैल में पूरी होगी बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया : हेमंत सोरेन

रांची, 16 मार्च । झारखंड विधानसभा बजट सत्र के 11 वें दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में कहा कि झारखंड में बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया इस साल अप्रैल के प्रथम सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी। सदन में विपक्षी पार्टी भाजपा के बार-बार सवाल उठाने पर मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी।

उन्होंने भाजपा पर पलटवार किया कि बालू लूट की प्रक्रिया कब से चल रही थी और अब कैसे घट रही है यह बताने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के लोग सिर्फ इस कोशिश में लगे रहते हैं कि कैसे सरकार बनाई जाए। भाजपा 12 माह 24 घंटे हमेशा सत्ता की राजनीति कर रही है। उनके ऐसा कहने पर भाजपा विधायक सीपी सिंह ने आपत्ति जताई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कहा कि सीपी सिंह भी रणधीर सिंह से कम नहीं हैं।

सदन में बालू की अवैध ढुलाई और पुलिस की ज्यादती का मामला बार-बार उठ रहा था। विधायक बाबूलाल मरांडी बार-बार हाथ उठाकर अपनी बात रखना चाह रहे थे। विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से उन्हें अनुमति नहीं मिलने पर भाजपा विधायकों ने देर तक वेल में खड़ा होकर हंगामा किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने बाबूलाल मरांडी को बोलने की अनुमति दी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि ऐसा नहीं है कि बाबूलाल मरांडी को जानबूझकर बोलने नहीं दिया जा रहा है। उनकी नजर उन पर नहीं पड़ी थी।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह मामला पूरे प्रदेश से जुड़ा हुआ है। झारखंड में तकरीबन 25 बालू घाट की नीलामी हुई है। जब लोग पीएम आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए बालू ले जाते हैं तो उन्हें भी पुलिस पकड़ती है। उन्होंने कहा कि गांवा के पास सकरी नदी से ट्रक के जरिए बालू को बिहार सहित अन्य राज्यों में भेजा जाता है। विरोध करने पर लोगों को ही थाने में परेशान किया जाता है। जब तक सभी बालू घाट की नीलामी नहीं होती है तब तक सभी बार्डर पर चेक पोस्ट लगाना जरूरी है।

इस पर हेमंत सोरेन ने बालू घाट पर सरकार की मंशा जाहिर की। इसके बाद भाजपा विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने भी व्यवस्था के तहत सवाल पूछा कि बालू घाट को लूटने की छूट आखिर किसने दी है। यह आरोप सरकार पर लग रहा है। सदन में मुख्यमंत्री बैठे हैं, इसलिए उन्हें इसका जवाब देना चाहिए। इस पर प्रदीप यादव ने कहा कि कार्य संचालन नियमावली में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि हर सवाल का जवाब मुख्यमंत्री दें। हालांकि, इन सवालों का जवाब प्रभारी मंत्री बादल पत्रलेख ने दिया।

मंत्री ने कहा कि राज्य में सैंड माइनिंग पॉलिसी 2017 की व्यवस्था से चल रही है। 2018-19 में राजस्व 140 लाख था। 2019-20 में 176 लाख, जबकि 2020-21 में 876 लाख हो गया। लेकिन, भाजपा विधायकों के अड़े रहने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बालू घाट पर सरकार की मंशा जाहिर की। इसके बाद भाजपा विधायक अनंत ओझा और अमित मंडल की ओर से लाये गए कार्यस्थगन को पढ़कर स्पीकर ने अमान्य कर दिया।

(हि.स.)

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