Jharkhand : राज्य की मजबूती के लिए प्रशासनिक व्यवस्था का मजबूत होना अत्यंत जरूरी : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ की वार्षिक आम सभा में शामिल हुए

मुख्यमंत्री ने राज्य प्रशासनिक सेवा संघ की पुस्तिका “दस्तक” का किया विमोचन

रांची, 4 दिसंबर। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य की मजबूती के लिए प्रशासनिक व्यवस्था का मजबूत होना अत्यंत जरूरी है। अगर किन्ही वजहों से प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हो जाए तो सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। इन्ही बातों को ध्यान में रखकर हम अन्य राज्यों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी समझने की कोशिश करते हैं, ताकि यहां की प्रशासनिक व्यवस्था को और भी मजबूती दे सकें।

मुख्यमंत्री रविवार को झारखंड प्रशासनिक सेवा की वार्षिक आम सभा को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने झाप्रसे. की पत्रिका “दस्तक” का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सरकारी व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। आप सरकार के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। राज्य को दिशा दिखाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में आपकी कार्यशैली से राज्य के सर्वांगीण विकास और उसे मजबूती देने का हौसला मिलता है ।

व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं राज्य प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रखंड से लेकर झारखंड मंत्रालय तक राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की बड़ी टीम कार्य करती है। ऐसे में आप व्यवस्था की सबसे मजबूत और महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की व्यवस्था तथा कार्यशैली थोड़ी अलग है लेकिन अगर आप इन वरीय अधिकारियों के सहयोगी के रूप में खड़े नहीं हो, तो वे भी एक कदम आगे नहीं चल पाएंगे ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में जरूरत के हिसाब से सुधार जरूरी है, ताकि उसका अपेक्षित लाभ हमें मिले । इसे देखते हुए ही सरकार ने प्रशासनिक सुधार के लिए आयोग का गठन किया था। आयोग की रिपोर्ट भी मिल चुकी है । अब उस रिपोर्ट का अध्ययन कर प्रशासनिक व्यवस्था में जो भी सुधार की जरूरत होगी उस दिशा सरकार कदम बढ़ाएगी ।

व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का समाधान मिलजुल कर करना होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले में एक ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए प्रयासरत हैं, जहां अधिकारी बेखौफ और निर्भीकता के साथ काम कर सके । इससे अधिकारियों का मनोबल भी बढ़ेगा और स्थानांतरण- पदस्थापन को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी । अधिकारियों की जहां पोस्टिंग होगी, वहां वे पूरे उत्साह के साथ कार्य कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्षिक आमसभा में आपने जो मांगे रखी है, उस पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर जल्द निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि महिला पदाधिकारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव जैसी कुछ मांगे ऐसी है जिसे प्रशासनिक स्तर पर ही लागू होना चाहिए। राज्य प्रशासनिक सेवा को प्रीमियर सेवा घोषित करने से जुड़ी मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही ठोस निर्णय लेगी।

हिन्दुस्थान समाचार

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