Jharkhand : बालू-पत्थर के अवैध खनन में लगे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने पलामू एवं गढ़वा जिले में विकास कार्यों और योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की

रांची /मेदिनीनगर, 9 दिसंबर । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अवैध बालू एवं पत्थर के खनन के मामले पाये जाने पर सख्ती से कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने नगरीय क्षेत्र के थानों के कामकाज पर नाराजगी जताई और आने वाले 15 दिनों में सुधार लाने की हिदायत दी। साथ ही पुलिस अधीक्षक को इसका रिव्यू करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं एवं कानून व्यवस्था के संबंध में दोनों जिलों से प्राप्त प्रगति प्रतिवेदन के आधार पर उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देश प्रेषित किया जाएगा। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पलामू पुलिस लाइन स्टेडियम में गढ़वा एवं पलामू जिले में विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों से कहा कि ग्रामीण यदि आपके पास आए तो आप उनसे पूरे आत्मीय भाव और संवेदनशीलता के साथ मिलें एवं उनकी समस्याओं को निष्पादित करें। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सरकारी योजनाओं का लाभ हरेक अंतिम आदमी तक पहुंचे। इसी को ध्यान में रखकर आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का दूसरा चरण भी पूरे राज्य में चलाया गया।

विभिन्न योजनाओं की हुई समीक्षा

मुख्यमंत्री ने दोनों जिले में चल रही सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, सर्वजन पेंशन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मनरेगा अंतर्गत मानव दिवस सृजन, प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति, रेवेन्यू कोर्ट, ऑनलाइन म्यूटेशन एवं विधि व्यवस्था की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ प्रखण्डों में सरकार की विभिन्न योजनाओं में अपेक्षित विकास नहीं हुए है। लोगों तक योजनाएं या तो उनको जागरूक करने या किसी और वजह से नहीं पहुंच पाई है। पदाधिकारी उन सभी त्रुटियों को दूर करने का काम करें एवं 31 दिसंबर 2022 तक सभी को कैम्प लगाकर अथवा ड्राईव चलाकर योजनाओं से आच्छादित करने का काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के अंतर्गत अधिकारी किसानों के निबंधन के लिए प्रखंड कार्यालयों में भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था करें ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका फायदा मिल सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना, मनरेगा और अन्य योजनाओं की न्यून प्रगति वाले प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के लिए निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांट्रेक्ट पर कार्य कर रहे स्वयंसेवक, जल सहिया आदि को मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना से जोड़ें जिससे उनका भी विकास हो। ऐसा न हो कि वे केवल पदाधिकारियों के लिए न्यूनतम वेतन पर कार्य करते रह जाएं। सोरेन ने सर्वजन पेंशन के क्षेत्र में दोनों जिले के बेहतर प्रदर्शन को सराहा। साथ ही कहा कि एकल महिलाओं एवं दिव्यांगजनों को भी इससे आच्छादित करने का काम करें।

उन्होंने कहा कि ड्राइव चलाकर एकल महिलाओं एवं अनाथ बच्चों को एक साथ टैग करने का काम करें, जिससे बच्चे को घर जैसा माहौल मिल सके एवं उस एकल महिला को ही अनाथ बच्चे को मिलने वाली सहायता राशि एवं एकल महिला पेंशन दिया जाए, जिससे उनका विकास हो सके। विधि-व्यवस्था की समीक्षा के क्रम में उन्होंने निर्देशित किया कि मामलों का निष्पादन समय सीमा में किया जाए।

इस मौके पर मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग मिथिलेश कुमार ठाकुर, मंत्री कृषि विभाग बादल, विश्रामपुर विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी, डालटनगंज विधायक आलोक चौरसिया, पांकी विधायक कुशवाहा डॉ. शशिभूषण मेहता, छतरपुर विधायक पुष्पा देवी, मनिका विधायक रामचन्द्र सिंह, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, सचिव विनय कुमार चौबे, सचिव प्रशांत कुमार, सचिव अमिताभ कौशल, डीजीपी, पलामू आयुक्त जटा शंकर चौधरी, पलामू डीआईजी राजकुमार लकड़ा, पलामू उपायुक्त आंजनेयुलू दोड्डे, पलामू पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा, गढ़वा उपायुक्त रमेश घोलप, गढ़वा पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार झा सहित पलामू एवं गढ़वा जिले के प्रशासनिक पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार

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