Jharkhand : मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना दिवस पर राज्यवासियों को दिए कई तोहफे

रांची, 15 नवंबर । भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और राज्य स्थापना दिवस पर रांची का मोरहाबादी मैदान मंगलवार को ऐतिहासिक पलों का गवाह बना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 7309. 58 करोड़ रुपये की लागत से कुल 369 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें 5433.24 करोड़ रुपये की लागत से 147 योजनाओं की आधारशिला और 1876.34 करोड़ रुपये की लागत से 222 योजनाओं का उद्घाटन हुआ।

इन योजनाओं का हुआ शिलान्यास

पथ निर्माण विभाग की 41 (राशि 1718.64 करोड़) , पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की 17 (931.31 करोड़), भवन निर्माण विभाग की 4 (261.34 करोड़), जल संसाधन विभाग की 3 (84.27 करोड़), नगर विकास एवं आवास विभाग की 12 (1658.86 करोड़), स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की 3 (74.31 करोड़), अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग एवं कल्याण विभाग की एक, ग्रामीण कार्य विभाग की 14, झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन की 16, कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग की 17, स्वास्थ्य विभाग की 14 (517.65 करोड़) और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की 5 योजनाएं शामिल हैं।

इन योजनाओं का हुआ उद्घाटन

पथ निर्माण विभाग की 43, जल संसाधन विभाग की 2, भवन निर्माण विभाग की 2, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की 7, नगर विकास एवं आवास विभाग की 13, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 7, ग्रामीण कार्य विभाग की 13, झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन की 25, श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की 6, स्वास्थ्य विभाग की 8, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की 10 और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की 86 योजनाएं शामिल है।

नियुक्ति पत्र का हुआ वितरण

इस मौके पर झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा अनुशंसित 609, लेखा पदाधिकारी के लिए अनुशंसित 16 और रिम्स रांची में परिचारिका के लिए चयनित 320 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। समारोह में 13,90, 164 लाभुकों के बीच 1247.39 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।

तीन नई पॉलिसी की लांचिंग

झारखंड विद्युत वाहन नीति-2022 : झारखंड विद्युत वाहन नीति-2022 के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाना है। इसमें वर्ष 2030 तक आईसीई इंजन आधारित वाहनों को विद्युत वाहनों से प्रतिस्थापित किया जाना है जबकि 2027 तक एसीसी बैट्री के निर्माण के लिए एक परियोजना स्थापित की जाएगी। इस नीति के तहत दिए जाने वाले आकर्षक अनुदान के प्रावधानों से विद्युत वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।

झारखंड इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2022 : झारखंड इथेऩॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति के तहत राज्य में जैव ईंधन के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इस नीति में वर्ष 2025 तक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का प्रयोग को बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। जैव ईंधन का निर्माण गन्ना जैसे कृषि उत्पादों से किया जाता है।

झारखंड औद्योगिक पार्क एवं लॉजिस्टिक नीति-2022 : झारखंड औद्योगिक पार्क एवं लॉजिस्टिक नीति-2022 का मकसद राज्य को आर्थिक मजबूती प्रदान करना है। यहां सरकार और निजी संस्थानों की भागीदारी से औद्योगिक पार्क एवं लॉजिस्टिक पार्क बनाए जाएंगे। इससे होने वाली आय भी सीधे राज्य स्ररकार को प्राप्त होगी। इससे राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

इन नई योजनाओं का हुआ शुभारंभ

गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना : इस योजना के तहत राज्य के 10 वीं औऱ 12 वीं उतीर्ण आर्थिक रुप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र- इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, रिसर्च आदि की पढ़ाई के लिए ऋण की सुविधा सरकार उपलब्ध कराएगी। इसमें विद्यार्थियों को बैंक के माध्यम से अधिकतम 15 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस ऋण पर विद्यार्थियों को चार प्रतिशत सामान्य ब्याज का भुगतान करना होगा। शेष ब्याज की राशि राज्य सरकार वहन करेगी। वहीं, ऋण वापस करने की अधिकतम सीमा 15 वर्ष होगी तथा इसके लिए विद्यार्थियों को कोई सिक्योरिटी जमा नहीं करना होगा। इस योजना के लिए कॉरपस फंड के रूप में दो सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

एकलव्य प्रशिक्षण योजना : राज्य के विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग, झारखंड लोक सेवा आयोग, केंद्रीय/ झारखंड कर्मचारी चयन आय़ोग और बैंकिंग तथा रेलवे आदि जैसी भर्ती एजेंसियों के द्वारा ली जाने वाली भर्ती प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में निःशुल्क कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना से 27 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाना है।

इसमें यूपीएससी सिविल सर्विसेज के लिए 1000, जेपीएससी सिविल सर्विसेज के लिए 2000, बैंक पीओ के लिए 2000, बैंक लिपिक के लिए 5000, रेलवे भर्ती बोर्ड परीक्षा के लिए 8500 और कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा के लिए 8500 लाभार्थियों की संख्या होगी। इस योजना में कोचिंग संस्थानों को विद्यार्थियों की संख्या और कोचिंग सत्र की अवधि के आधार पर शत प्रतिशत ट्यूशन शुल्क का भुगतान किया जाएगा।

इसके अलावा प्रत्येक लाभार्थी विद्यार्थी को कोचिंग सत्र की अवधि तक सहायता राशि के रूप में 25 सौ रुपये प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। इस योजना पर कुल वार्षिक व्यय भार 190 करोड़ 5 लाख रुपये होगी।

मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना: इस योजना के अंतर्गत झारखंड राज्य के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, मेडिकल, विधि, जन संचार, फैशन डिजाइनिंग,फैशन टेक्नोल़ॉजी, होटल मैनेजमेंट, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आईसीडब्लूए, झारखंड में अवस्थित राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों द्वारा निःशुल्क कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

इस योजना के तहत आठ हजार विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग कराया जाएगा। इसमें इंजीनियरिंग के लिए 3 हजार, मेडिकल के लिए 2 हजार, क्लैट के लिए 1 हजार और जनसंचार, फैशन डिजाइनिंग, होटल मैनेजमेंट और चार्टर्ड अकाउंटेंट के लिए पांच- पांच लाभार्थियों की संख्या होगी। इसके अलावा प्रत्येक लाभार्थी विद्यार्थी को कोचिंग सत्र की अवधि तक सहायता राशि के रूप में 25 सौ रुपये प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। इस योजना पर कुल वार्षिक व्यय भार 122 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये होगी।

मुख्यमंत्री सूखा राहत योजना : राज्य में मॉनसून में कम बारिश की वजह से धान और अन्य खरीफ फसलों के उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। इस वजह से राज्य सरकार ने 22 जिलों के 226 प्रखंडों को सूखा क्षेत्र घोषित किया है। ऐसे में सूखा प्रभावित क्षेत्र में प्रत्येक परिवार को तत्काल 35 सौ रुपये आनुग्राहिक राहत अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना में आवेदन लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है और जिला स्तर पर विशेष कैंप लगाकर अधिसूचित सूखाग्रस्त प्रखंडों के अधिकाधिक किसान परिवारों से आवेदन प्राप्त कर लाभ प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सारथी योजना : इस योजना के तहत राज्य के प्रतिभाशाली और मेहनतकश युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है। इसके तहत सरकार द्वारा 18 से 35 वर्ष तक (आरक्षित वर्ग के लिए अधिकतम उम्र सीमा 50 वर्ष ) के युवाओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। युवाओं को गैर आवासीय प्रशिक्षण के लिए केंद्र आने -जाने के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये भी दिए जाएंगे। प्रशिक्षण के बाद सफल युवाओं को तीन माह के अंदर अगर नियोजन नहीं मिला तो उन्हें रोजगार प्रोत्साहन भत्ता के रूप में एक हजार रुपए प्रतिमाह मिलेगा, जबकि युवतियों, दिव्यांगों और परलैंगिकों को 15 सौ रुपये प्रतिमाह मिलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार

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