Jharkhand Tribal Advisory Council Update : झारखंड जनजातीय सलाहकार परिषद (टीएसी) की नई नियमावली के गठन में संविधान में राज्यपाल को प्राप्त विशेष शक्तियों का ध्यान नहीं रखा गया

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रांची। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने मंगलवार को कहा कि वह पिछले दिनों गठित जनजातीय सलाहकार परिषद (टीएसी) की नई नियमावली पर कानूनी राय ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत राज्यपाल को प्राप्त विशेष शक्तियों से वह वाकिफ हैं। ये बातें उन्होंने राजभवन में पत्रकारों से कही।

  • संविधान की मूल भावना को खत्म नहीं किया जा सकता

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड संविधान की पांचवी अनुसूची का क्षेत्र है, जो उनके अधीन है। जहां तक टीएसी के सदस्यों के चयन का सवाल है तो इसके 16 सदस्य सरकार द्वारा और चार सदस्य राज्यपाल की ओर से नामित किये जाने चाहिये। उन्होंने कहा कि विधानसभा बिल पास कर सकती है, लेकिन संविधान की मूल भावना को खत्म नहीं किया जा सकता। राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ की तरह ही झारखंड में टीएसी की नियमावली बनने के सवाल पर स्पष्ट किया कि वहां राज्यपाल की शक्ति कम नहीं की गई है। समझने में चूक हुई हो सकती है। उन्होंने कहा कि कानूनी राय के आधार पर वह आगे की कार्रवाई करेंगे।

  • टीएसी की नई नियमावली अधिसूचित

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 22 जून को टीएसी की नई नियमावली अधिसूचित किया। इसके तहत टीएसी के सदस्यों के चयन का अधिकार अब मुख्यमंत्री को सौंपा गया है। टीएसी एक सलाहकार पर्षद है, जो संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत वर्गीकृत क्षेत्रों वाले राज्यों में जनजातियों और उनके विकास से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श और सुझाव सरकार को देती है।

  • झारखंड को देखकर दुख हुआ

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड के साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य भी अस्तित्व में आया, लेकिन झारखंड 20 वर्षों के बावजूद खनिज संपदा, प्राकृतिक खूबसूरती, खेल प्रतिभा के बावजूद अदूरदर्शी और योजना के अभाव में अपेक्षित विकास नहीं कर पाया है। यह जानकर उन्हें दुख हुआ है। राज्य का तेजी से विकास हो, इसलिये उन्होंने मुख्यमंत्री से बातें की हैं और अब सरकार के विभागों की समीक्षा कर रहे हैं ताकि राज्य के विकास के लिये वह सलाह दे सकें।

  • सीएनटी-एसपीटी विकास में बाधक नहीं

एक सवाल के जवाब में राज्यपाल ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी विकास में राज्य के विकास में बाधक नहीं हैं। काम करने का कोई न कोई रास्ता जरूर निकलता है। सही तरीके से काम किया जाये तो झारखंड में तेजी से विकास मुमकिन है। उन्होंने कहा कि रांची-टाटा फोर लेन के अधूरे काम को जल्द पूरा कराने के लिये जरूरत पड़ी तो केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी से भी बात करेंगे।

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