Jharkhand Update : सांसद निशिकांत की पत्नी के खिलाफ एफआइआर दर्ज

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देवघर। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का खिलाफत करने वाले गोड्डा के भाजपा सांसद सांसद निशिकांत दुबे को जोरदार झटका लगा है। निशिकांत दूबे की पत्नी अनामिका गौतम के खिलाफ देवघर के जिला अवर निबंधक ने प्राथमिकी दर्ज करायी है। यह प्राथमिकी एलोकेसी धाम की जमीन की खरीद को कपटपूर्ण मानते हुए दर्ज करायी गयी है। अवर निबंधक द्वारा दिये गये आवेदन के आधार पर देवघर के टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है। अब पुलिस इस मामले की जांच करेगी। प्राथमिकी के लिए दिये गये आवेदन में के्रता, विके्रता और पहचानकर्ता के अलावा गवाहों के ऊपर भी कार्रवाई की मांग की गयी है। टाउन थाना देवघर ने आईपीसी की धारा 420 , 406 , 467 , 468 471 और 120 (इ) तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले की जांच का जिम्मा सब इंस्पेक्टर जीशान अख्तर को दिया गया है। दरअसल जिला प्रशासन ने सांसद की पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड एलओकेसी धाम की रजिस्ट्री रद्द कर दी है। देवघर में एलओकेसी धाम की रजिस्ट्री 29 अगस्त 2019 को की गयी थी। सांसद की पत्नी पर आरोप था कि उन्होंने तीन करोड़ कैश देकर जमीन की रजिस्ट्री करा ली, जो कि नियम विरुद्ध है। जमीन की स्टांप वैल्यू 18 करोड़ 94 लाख, 16 हजार रुपये है। मामले को लेकर देवघर निवासी शशि सिंह और विष्णुकांत झा ने डीसी देवघर के अलावा मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को शिकायत की थी। शिकायत के बाद जिला प्रशासन की तरफ से मामले की जांच करायी जा रही थी। जांच में आरोप सही पाया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।
अनामिका के मामले में अगली सुनवाई 27 को
देवघर में जमीन खरीद मामले में राज्य सरकार ने कोर्ट से सांसद निशिकांत दूबे की पत्नी के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक के आदेश को हटाने की मांग है। सरकार ने  झारखंड हाइकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर कर नोकरसिव के आदेश को खत्म करने का आग्रह किया है। मंगलवार को अनामिका गौतम की क्वैशिंग याचिका पर झारखंड हाइकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने इस मामले से जुड़े पक्षों को सुना। इसके बाद मुकदमे की अंतिम सुनवाई के लिए 27 जनवरी की तारीख तय की है। राज्य सरकार की ओर से अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने पक्ष रखा। वहीं, अनामिका गौतम की तरफ से झारखंड के पूर्व महाधिवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस मजूमदार और दिवाकर उपाध्याय ने पक्ष रखा। देवघर में जमीन खरीद के मामले में अनामिका गौतम के खिलाफ विष्णुकांत झा व किरण सिंह ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज करायी है जिसमें अनामिका गौतम के खिलाफ गंभीर आरोप लगाये गये हैं। विष्णु कांत झा द्वारा की गयी शिकायत में कहा गया है कि जिस जमीन का सरकारी मूल्य लगभग 19 करोड़ रुपये है उस भूमि को 3 करोड़ रुपये कैश भुगतान कर निबंधित करा लिया गया है। इस राशि का भुगतान नकद किया गया जो नियम विरुद्ध है। इतने बड़े पैमाने पर नकदी लेनदेन का प्रावधान नहीं है। इन सभी लोगों ने मिलकर झारखंड सरकार और केंद्र सरकार को बड़े पैमाने पर सरकारी राजस्व घाटा पहुंचाने की साजिश रची है। मामले में झारखंड हाइकोर्ट ने पूर्व में अनामिका गौतम के खिलाफ किसी भी तरह की पीड़क कार्रवाई पर रोक का आदेश पारित किया था।

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