Jharkhand : स्वास्थ्य सेवा की बदहाली, खाद्य सुरक्षा और मनरेगा के मुद्दे पर होगा आंदोलन- माकपा

रांची, 27 सितम्बर । माकपा की वरिष्ठ नेता और झारखंड प्रभारी वृंदा करात ने कहा कि भाजपा सरकार के किसान और मजदूर विरोधी कदमों का पार्टी कार्यकर्ता सडकों पर उतर कर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विरोध को दबाने के लिए विपक्ष को डराने की साजिश कर रही है। करात रविवार को आनलाइन राज्य कमिटी की बैठक में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवा की बदहाली, खाद्य सुरक्षा और मनरेगा के मुद्दे पर पार्टी आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य मे कोरोना महामारी के संक्रमण में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन दूसरी ओर रिकवरी की दर में भी सुधार हुआ है। राज्य सरकार की पहल पर टेस्टिंग का दायरा भी पहले से बढा है। इसके अलावा निजी टेस्ट लैब में  जांच का शुल्क कम करने की घोषणा राज्य सरकार ने की है। लेकिन प्राइवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों से ईलाज के नाम पर ज्यादा राशि वसूले जाने का सिलसिला जारी है। राज्य सरकार इस पर अंकुश लगाने में सफल नहीं हो पा रही है। सरकारी अस्पतालों की भी स्थिति ठीक नही है। 
उन्होंने कहा कि कोरोना के गंभीर मरीजों को भी बेड नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा दूसरी बीमारी से ग्रस्त लोगों के इलाज मे भारी कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है। सरकार को स्वास्थ्य सेवा और इलाज की सुविधा के सवाल पर ठोस हस्तक्षेप करना चाहिए। कोरोना से बचाव के लिए आम लोगों में जागरूकता अभियान चलाए जाने के प्रति भी सरकार की गंभीरता परिलक्षित नहीं हो रही है।  राज्य कमिटी ने अन्य ज्वलंत मुद्दों जैसे हाईकोर्ट का निर्णय जिसमें पिछले दिनों हुई नियुक्तियों को रद्द करने, झारखंड लैंड म्यूटेशन विधेयक, आदिवासी संगठनों द्वारा जनगणना प्रपत्र मे उन्हें अलग धर्म के कालम मे जोड़ने और कोल इंडिया बोर्ड द्वारा जमीन के बदले नियोजन नही देकर केवल मुआवजा देने की घोषणा पर चर्चा की। राज्य सचिव गोपी कांत बक्सी ने बताया कि राज्य कमिटी ने झारखंड के स्थानीय मुद्दों जिसमें स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सुरक्षा और मनरेगा के सवाल पर विचार विमर्श कर एक पखवाड़े तक प्रचार अभियान चलाकर स्वास्थ्य मंत्रालय के गाइड लाइन का पालन करते हुए प्रखंडों पर प्रदर्शन किए जाने का निर्णय लिया हैं। 1 से 15 अक्टूबर तक अभियान चलाकर प्रखंड मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा। बैठक में पार्टी के कई अन्य लोग शामिल थे।

(हि.स.)

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