Lal mosques serving humanity : सांस के लिए तड़पते लोगों का सहारा बनी लखनऊ की लालबाग जामा मस्जिद

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी से आम लोगों के बहुमूल्य जीवन को बचाने के लिए सरकार के अलावा समाजिक संगठनों और धार्मिक स्थलों की तरफ से भी भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं। चाहे वह मंदिर-मस्जिद हों, गुरुद्वारे हों या फिर मठ-आश्रम और दरगाहें, यह सभी इंसानियत को बचाने के लिए अपने-अपने स्तर पर भरपूर प्रयास कर रहे हैं।

इसी कड़ी में लखनऊ के लालबाग इलाके की जामा मस्जिद में भी इंसानों की कीमती जिंदगियों को बचाने के लिए ऑक्सीजन और उससे जुड़ी तमाम वस्तुएं लोगों को मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। यही नहीं मस्जिद के जिम्मेदारों ने यह भी फैसला लिया है कि बहुसंख्यक हिन्दू आबादी को ज्यादा से ज्यादा मदद की जानी चाहिए क्योंकि उनकी आबादी मुसलमानों से चार गुना ज्यादा है और फिलहाल उन्हें हमारी मदद की जरूरत है।

लालबाग जामा मस्जिद में नमाज के साथ-साथ समाज सेवा का भी काम किया जा रहा है। यहां पर कोविड-19 महामारी में खास तौर से लोगों को सांस लेने में पेश आ रही दिक्कत को दूर करने के लिए इस से जुड़ी सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मस्जिद में ऑक्सीजन गैस के साथ-साथ आक्सीजन किट, आक्सीजन नेबुलाइजर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था बिल्कुल निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। मस्जिद इंतेजामियां कमेटी ने इन सभी वस्तुओं की व्यवस्था बड़े पैमाने पर की है।
इंतेजामियां कमेटी का कहना है कि लखनऊ में पिछले दिनों ऑक्सीजन और उससे जुड़ी वस्तुओं की बेहद किल्लत महसूस की गई थी। शहर में इसकी वजह से कई अमूल्य जीवन को बचाने में अस्पताल पूरी तरह से नाकाम साबित हुए हैं।

इसी दिक्कत और परेशानियों को ध्यान में रखकर कमेटी ने इस संकट से लोगों को उबारने के लिए इस तरह की तमाम व्यवस्था यहां पर की है। मस्जिद कमेटी के जुनून नोमानी ने बताया कि लखनऊ में ऑक्सीजन की कमी और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कमी की वजह से लोग बेहद परेशान हुए हैं और कई परिवारों ने अपनों को खो दिया है। उन्होंने बताया कि हमने मस्जिद में नमाज के साथ-साथ लोगों की भलाई करने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए कमेटी ने ऑक्सीजन सिलेंडर, किट और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था है जो कि जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा रही है।

उनका कहना है कि अब तक हम लोगों ने सैकड़ों लोगों की मदद करके अमूल्य जीवन बचाने का काम किया है। हमने यह फैसला लिया था कि मदद मांगने वालों में पहले बहुतसंख्यक समुदाय के लोगों की ज्यादा मदद करेंगे क्योंकि उनकी आबादी ज्यादा है और इस समय उनको हमारी जरूरत है। उन्होंने बताया कि हमें बेहद खुशी हो रही है कि बड़ी तादाद में हिंदू भाइयों ने संकट के समय आकर मस्जिद से मदद ली है।

(हि.स.)

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