Lok Sabha Speaker Om Birla : ज्वलंत विषयाें पर सर्वमान्य समाधान प्रस्तुत करना विधानमंडलों का प्रमुख दायित्व: बिड़ला

शिमला, 17 नवम्बर : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा है कि देश में लोकतांत्रिक परम्पराओं की समृद्धि एवं सशक्तिकरण के लिये ज्वलंत विषयों पर सर्वमान्य समाधान प्रस्तुत करना विधानमंडलों का एक प्रमुख दायित्व है।

श्री बिड़ला ने आज यहां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि अपने सम्बोधन में यह बात कही। उन्होंने कहा “हमारा ध्यान इस बात पर भी केंद्रित होना चाहिए कि विधानमंडलों में होने वाली चर्चा अधिक अनुशासित, सारगर्भित और गरिमापूर्ण होनी चाहिए ताकि संसदीय विशेषाधिकारों में परिपक्ता लाई जा सके। उन्होंने कहा कि कार्यप्रणाली और कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने के लिये इसमें सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकाधिक समावेश करने पर जोर दिया ताकि जन प्रतिनिधि अपने अपने क्षेत्रों में दायित्वों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकें।

उन्होंने कहा कि देश में आज से 100 वर्ष पूर्व पीठासीन अधिकारियों का पहला सम्मेलन भी शिमला में ही हुआ था और ऐसे सम्मेलनों में देश की संवैधानिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाता रहा है। “सम्मेलनों की इस लम्बी यात्रा में हमें माननीय विठठल भाई पटेल और गणेश मावलंकर जी का मार्गदर्शन मिला है उनके नेतृत्व में विधानमंडलों को समाज की बदलती जरूरतों के अनुरूप अधिक संबेदनशील और सक्रिय बनाने में सहायता मिली है“।

लोकसभा अध्यक्ष ने विधानमंडलों की बैठकों की घटती संख्या और नियमवली पर चिंता जाहिर करते हुये आजादी के अमृत महोत्सव पर विधानमंडलों की कार्यप्रणाली की समीक्षा नियमावली में एकरूपता पर जोर दिया ताकि सभी संस्थाओं में एकसमान व्यवस्था कायम हो। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं में जबावदेही और पारदर्शिता तथा जनता को बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने पर जोर देते हुये कहा कि इस सम्बंध में राजनीतिक दलों के साथ विचार विमर्श करने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी दल इसमें सकारात्मक सहयोग देगें।

श्री बिड़ला ने कहा “पीठासीन अधिकारी के रूप में हमारा विशेष दायित्व है कि एक समर्थ, सक्षम और सशक्त विधायी व्यवस्था के निर्माण का सामूहिक संकल्प लें जो 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप होने के साथ नई चुनौतियों का सामाना कर सकें तथा इन संस्थाओं को सशक्त कर जनता के प्रति जबावदेह बना सकें“। उन्होंने कहा कि दो दिन सम्मेलन के इन इन सभी विधयों पर चर्चा होगी और निश्चित रूप से परिणाम निकलेगा।

वार्ता

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