Lok Sabha Speaker Om Birla : कोरोना के खिलाफ टीकाकरण ही सबसे मजबूत कवचः बिरला

नई दिल्ली । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण ही सबसे मजबूत कवच है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से केंद्र एवं राज्य सरकारों ने देश भर में सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान को वृहद स्वरूप दिया है। ऐसे में देश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं को भी आगे आकर इस अभियान को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

बिरला ने मंगलवार को देश भर के विधानमंडलों के अध्यक्षों से वर्चुअल संवाद के दौरान कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और उनमें निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का आमजन से सीधा जुड़ाव होता है। कोरोना महामारी के दौरान राहत कार्यों का नेतृत्व कर जनप्रतिनिधियों ने इस जुड़ाव को और मजबूत किया है। अब जब कोरोना की दूसरी लहर लगभग नियंत्रित हो चुकी है, ऐसे में जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे संभावित तीसरी लहर को सच्चाई नहीं बनने दें।

उन्होंने कहा कि तीसरी लहर को रोकने और कोरोना से देश की जनता की रक्षा का सर्वश्रेष्ठ माध्यम टीकाकरण ही है। इसको देखते हुए संसद, विधानसभाएं, जिला परिषदें, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के सदस्य अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे आएं और लोगों को जल्द से जल्द टीकाकरण करवाने के लिए प्रोत्साहित करें।

बिरला ने कहा कि इसी के साथ हमें टीकाकरण के प्रति आमजन के मन में जो शंकाएं और भ्रम हैं, उनको भी दूर करना होगा। जनता का जनप्रतिनिधि पर विश्वास होता है। जनप्रतिनिधि उन्हें बताए कि टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है और कोरोना के खिलाफ सबसे सशक्त माध्यम है।

इस दौरान बिरला ने विधानमंडलों के अध्यक्षों और प्रतिनिधियों से लोकसभा अध्यक्ष के रूप में दो वर्ष के कार्यकाल के अनुभव भी साझा किए। बिरला ने उन्हें बताया कि लोकसभा में सदन के नेता प्रधानमंत्री और सभी दलों के नेताओं के सामूहिक प्रयासों से कार्य उत्पादकता बढ़ी तथा विषयों व विधेयकों पर चर्चा की गुणवत्ता में अभिवृद्धि हुई।

उन्होंने कहा कि सदन में सभी दलों के नेताओं को अपनी बात रखने के पर्याप्त समय व अवसर उपलब्ध करवाए गए, जिससे जनभावनाओं की सदन में सशक्त अभिव्यक्ति हो सकी।

इस दौरान पांचों सत्रों में सदन ने 122.2 प्रतिशत उत्पादकता हासिल की और 107 विधेयक पारित किए जो पिछली लोकसभाओं की तुलना में कहीं अधिक हैं।

इस अवसर पर बिरला ने सभी विधान मंडलों के अध्यक्षों और प्रतिनिधियों से लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त व मजबूत बनाने का आह्वान किया। बिरला ने कहा कि हमें देश की जनता विशेषकर युवाओं को संवैधानिक मूल्यों से रू-ब-रू करवाना होगा। कोरोना के चलते फिजिकल कार्यक्रम संभव नहीं हैं, लेकिन इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म और तकनीक का भरपूर उपयोग किया जाए।

(हि.स.)

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