HindiJharkhand NewsNewsPolitics

भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का महापर्व है महाकुम्भ : पाटिल

महाकुम्भ नगर, 21 फरवरी : केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक हैं।
श्री पाटिल ने महाकुम्भ में श्रद्धा और आस्था की डुबकी लगाई। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में स्नान कर उन्होंने गंगा संरक्षण और स्वच्छता अभियान को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर योगी सरकार ने बेहतरीन कार्य किया है।
उन्होने कहा कि अब तक 59 करोड़ से अधिक श्रद्धालु महाकुम्भ में आस्था और श्रद्धा की डुबकी लगा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी भक्त भी शामिल हैं। हर किसी ने गंगा की निर्मल धारा और उसकी पवित्रता को महसूस किया और उसकी स्वच्छता की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि ‘नमामि गंगे’ अभियान के तहत सैकड़ों घाटों का सौंदर्यीकरण, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की स्थापना और औद्योगिक कचरे के शोधन जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए स्थानीय समुदायों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी सक्रिय रूप से शामिल कर रही है।
महाकुम्भ में श्रद्धालुओं से अपील करते हुए केंद्रीय मंत्री ने गंगा को स्वच्छ बनाए रखने की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गंगा जल को प्रदूषित होने से बचाने के लिए हमें मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कुंभ मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्लास्टिक और अन्य कचरे को नदी में न डालें और सरकार के स्वच्छता अभियानों में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि गंगा की पवित्रता बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है, और इसके लिए हमें अपने आचरण में बदलाव लाना होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाकुम्भ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का महापर्व है। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों को बचाने और नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है और इसमें हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *