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झारखंड में रामनवमी पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर की बैठक

– संवेदनशील जिलों में विशेष एहतियात बरतने के निर्देश

-पुलिस असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखेगी : डीजीपी

रांची, 13 अप्रैल । गृह विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल और डीजीपी अजय कुमार सिंह ने शनिवार को प्रोजेक्ट भवन में संयुक्त रूप से रामनवमी पर्व पर विधि-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। इस दौरान प्रधान सचिव और डीजीपी ने अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिये। बैठक के दौरान डीजीपी ने सभी जिलों को रामनवमी के अवसर पर शांति व्यवस्था कायम रखने का निर्देश दिया। साथ ही असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों पर निगरानी रखते हुए उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने, जुलूस के मार्गों के भौतिक सत्यापन, धार्मिक स्थानों का मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया।

बैठक में संवेदनशील जिलों में विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए। रामनवमी की सुरक्षा को लेकर की जा रही तैयारियां की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान राज्य के सभी जिलों के डीसी और पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने जिलों में रामनवमी को लेकर की गई तैयारी का पूरा प्लान गृह सचिव और डीजीपी के सामने रखा। डीजीपी ने बताया कि झारखंड में रामनवमी की सुरक्षा को लेकर पुलिस मुख्यालय के द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। खासकर सभी संवेदनशील जिलों में विशेष रूप से अलर्ट रहने का निर्देश जारी किया गया है।

डीजीपी ने बताया कि राज्य के वैसे संवेदनशील जिले जहां पूर्व में सांप्रदायिक तनाव के मामले सामने आए हैं, वहां जिला पुलिस के अलावा स्पेशल फोर्स की तैनाती भी की जाएगी। डीजीपी के अनुसार सभी जिलों में पुलिस असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखेगी, वहीं सभी जिलों को आदेश दिया गया है कि सभी वर्गों के गणमान्य लोगों के संपर्क में रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। रामनवमी को लेकर रांची, जमशेदपुर, धनबाद, पलामू, गिरिडीह, हजारीबाग जिले के एसपी को विशेष तौर पर अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।

जिलों के एसपी को किया गया अलर्ट

डीजीपी ने बताया कि राज्यभर के सांप्रदायिक तत्वों को चिन्हित किया जा रहा है। सभी जिलों में उन लोगों की सूची बनाई जा रही है, जो सांप्रदायिक कांडों में संलिप्त रहे हैं। ऐसे कांडों में शामिल लोगों पर पुलिस ने थाना स्तर पर क्या कार्रवाई की है, इसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पूर्व में हुई झड़प के दौरान उत्पात में शामिल तत्वों के बारे में भी सभी थानों से जानकारी ली जा रही है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनपर निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। घटना की वजह और उसकी पृष्ठभूमि में शामिल लोगों के बारे में भी जानकारी इकट्ठा की जा रही है।

बैठक में एडीजी अभियान डॉ संजय आनन्दराव लाठकर, आईजी अखिलेश कुमार झा, आईजी अभियान अमोल विनुकांत होमकर और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सभी जिलों से वरीय पुलिस पदाधिकारी और उपायुक्त ने भाग लिया।

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