Mehbooba Mufti : कृषि भूमि का गैर-कृषि प्रयोजन के लिए उपयोग नापाक मंसूबों का प्रतीक: महबूबा

श्रीनगर 17 दिसंबर : जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्य में गैर-कृषि उपयोग के लिए कृषि भूमि के रूपांतरण की अनुमति देने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की जनसांख्यिकी को बदलने का ‘नापाक मंसूबा’ करार दिया है।

पीपुल्स डेमोक्रटिक पार्टी की प्रमुख सुश्री महबूबा ने किया , ‘‘ प्रदेश प्रशासन की कृषि भूमि को गैर-कृषि उद्देश्यों में बदलने की नई नीति से इंजीनियंिरग जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के उनके नापाक डिजाइन का पता चलता है। विकास का एजेंडा एक बहाना है। नवीनतम नियमन के लिए एक शर्त के रूप में 15 साल के अधिवास प्रमाण पत्र की भी आवश्यकता नहीं है।’’

उन्होंने आगे कहा,‘‘स्थानीय लोगों को सरकारी नौकरियों के उनके सही हिस्से से वंचित करने के बाद, ऐसे अचानक नीतिगत फैसले जो बाहरी लोगों के लिए जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने का मार्ग प्रशस्त करते हैं, केवल स्थानीय लोगों को और अधिक कमजोर करने के लिए किए जाते हैं।’’ जम्मू-कश्मीर सरकार ने गुरुवार को गैर कृषि उद्देश्यों के लिए कृषि भूमि के रूपांतरण पर प्रतिबंध हटाते हुए भूमि उपयोग पैटर्न में बदलाव पेश किया , हालांकि कल के आदेश पर गैर-कृषि उपयोग के लिए स्टाम्प अधिनियम के तहत अधिसूचित भूमि के बाजार मूल्य के पांच फीसदी शुल्क के बदले 12 1/2 मानक एकड़ तक की अनुमति दी गई है।

वार्ता

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