करोड़ों भारतीयों की उम्मीदें टूटीं, महिला टीम को मिला रजत

बर्मिंघम, 08 अगस्त : ऑस्ट्रेलिया ने राष्ट्रमंडल खेल 2022 में रविवार को बेथ मूनी (61) और ऐथले गार्डनर (तीन विकेट) के महत्वपूर्ण योगदानों की बदौलत महिला क्रिकेट फाइनल में भारत को नौ रन से मात देकर स्वर्ण पदक हासिल किया और भारतीय टीम को रजत से करना पड़ा संतोष।

ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 20 ओवर में 162 रन का लक्ष्य रखा था, जिसके जवाब में भारतीय टीम कड़ा संघर्ष करने के बावजूद 19.3 ओवर में 152 रन पर ऑल आउट हो गयी। भारत अंतिम ओवरों में दबाव सह नहीं पाया और उसने अपने आखिरी आठ विकेट 34 रन जोड़कर गंवा दिए।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार महिला क्रिकेट को शामिल किया गया था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक हासिल किया है। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, जहां भारतीय गेंदबाजों ने किफायती गेंदबाजी करते हुए पावरप्ले में सिर्फ 43 रन दिये और एलिसा हेली का बहुमूल्य विकेट भी लिया।

इसके बाद मूनी और लेनिंग ने ऑस्ट्रेलियाई पारी को आगे बढ़ाते हुए दूसरे विकेट के लिये 47 गेंदों पर 74 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। लेनिंग ने 26 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्के के साथ 36 रन बनाकर अपनी पारी को रफ्तार देना शुरू की थी, लेकिन राधा यादव ने एक बेहतरीन रन आउट की बदौलत उन्हें पवेलियन लौटाया।

इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए। एशले गार्डनर ने 15 गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाकर 25 रन बनाये, लेकिन ताहिला मेकग्रा (2), ग्रेस हैरिस (2) और अलाना किंग (1) अहम योगदान नहीं दे सकीं।अंत में रेशल हेंस ने 18 (10) रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को 161/8 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

भारतीय गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी करते हुए अंतिम ओवरों में रनों पर लगाम लगाई। रेणुका सिंह ने चार ओवर में 25 रन देकर दो विकेट लिये, जबकि स्नेह राणा ने दो विकेट के बदले 4 ओवर में 38 रन दिये। दीप्ती शर्मा (चार ओवर, 30 रन) और राधा (चार ओवर, 24 रन) को एक-एक विकेट हासिल हुआ। मेघना सिंह ने दो ओवर में 11 रन दिये हालांकि उन्हें एक भी विकेट हासिल नहीं हुआ।

राष्ट्रमंडल खेलों में पहला महिला क्रिकेट स्वर्ण जीतने के लिये 162 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शेफाली वर्मा (11) और स्मृति मंधाना (6) के रूप में दोनों सलामी बल्लेबाज सस्ते में आउट हो गये और 22 रन पर दो विकेट गंवा चुकी भारतीय टीम दबाव में आ गयी।

कप्तान हरमनप्रीत ने टीम को संकट से निकालते हुए जेमिमाह के साथ 96 रन की विशाल साझेदारी की। जेमिमाह ने मेगन शुट की गेंद पर आउट होने से पहले 33 (33) रन बनाये।

15 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 112 रन बनाने के बाद भारत की स्थिति मज़बूत थी, लेकिन एशले गार्डनर के 16वें ओवर ने मैच का रुख बदल दिया। गार्डनर ने अपने ओवर में सिर्फ तीन रन देकर पूजा वस्त्रकर और हरमनप्रीत के बहुमूल्य विकेट लिये।

यहां से भारतीय टीम उबर नहीं सकी और 152 रन पर ऑल आउट होकर नौ रन से स्वर्ण पदक हार गयी। ऑस्ट्रेलिया ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में भी भारत को हराया था और अब फ़ाइनल में भी भारत को शिकस्त दी।

ऑस्ट्रेलिया की ओर से गार्डनर ने तीन ओवर में 16 रन देकर तीन विकेट लिये। मेगन शुट ने दो जबकि डार्सी ब्राउन और जेस जॉनसन ने एक-एक विकेट लिया।

वार्ता

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