Mother Teresa’s organization Missionaries of Charity : मदर टेरेसा की संस्था के एफसीआरए पंजीकरण का हुआ नवीकरण, फिर से मिल सकेगा विदेशी चंदा

कोलकाता : केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से मदर टेरेसा की संस्था मिशनरीज आफ चैरिटी के फारेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए) पंजीकरण का नवीकरण कर दिए जाने से उसे फिर से विदेशी चंदा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इससे मिशनरीज आफ चैरिटी फिर से उन 16 हजार से अधिक गैर सरकारी संगठनों में शामिल हो गया है, जिसे एफसीआरए के तहत विदेशी फंड प्राप्त होता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने मिशनरीज के एफसीआरए पंजीकरण के नवीकरण को गत सात जनवरी को मंजूर किया है।

गौरतलब है कि नवीकरण की प्रक्रिया में त्रुटि होने एवं मिशनरीज आफ चैरिटी के बारे में ‘प्रतिकूल इनपुट’ मिलने का हवाला देकर गृह मंत्रालय ने इस बाबत किए गए आवेदन को पिछले साल 25 दिसंबर को खारिज कर दिया था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मिशनरीज की ओर से खामियों को सुधार कर नए सिरे से आवेदन किया गया, जिसके बाद इसे मंजूरी दे दी गई है।

गौरतलब है कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र पर मिशनरीज आफ चैरिटी के खातों को फ्रीज करने का आरोप लगाया था, जिसपर गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि मिशनरीज आफ चैरिटी के बैंक खातों को फ्रीज नहीं किया गया है। भारतीय स्टेट बैंक ने सूचित किया था कि इस एनजीओ की तरफ से खुद उसके बैंक खातों को फ्रीज करने के लिए आवेदन किया गया था। एफसीआरए के तहत पंजीकरण के नवीकरण के लिए जो आवेदन किया गया था, उसे पर्याप्त जानकारी प्रदान नहीं किए जाने के कारण खारिज कर दिया गया था।

इसके बाध मिशनरीज आफ चैरिटी की प्रमुख सिस्टर एम प्रेमा ने बयान जारी कर कहा था-‘हमारी संस्था के एफसीआरए पंजीकरण को न तो निलंबित किया गया है और न ही रद किया गया है। मिशनरीज आफ चैरिटी के किसी बैंक खाते को फ्रीज करने का भी गृह मंत्रालय की तरफ से कोई आदेश नही दिया गया है। हमें सूचित किया गया है कि हमारे एफसीआरए नवीकरण संबंधी आवेदन को मंजूर नही किया गया है इसलिए किसी तरह की चूक न हो इसलिए इस मामले के समाधान तक हमने हमारे केंद्रों को किसी भी एफसी खाते को आपरेट नहीं करने को कहा है।’

एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *