MP by-election: 28 सीटों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को होगा मतदान, 355 उम्मीदवार मैदान में

भोपाल, 02 नवम्बर । मध्यप्रदेश में 19 जिलों के 28 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव के लिए मंगलवार, 03 नवम्बर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और कोरोना गाइडलाइन का पालन कराते हुए सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा। निर्वाचन आयोग द्वारा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान संपन्न कराने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान केन्द्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। सोमवार को जिला मुख्यालयों पर बनाए गए मतदान सामग्री वितरण केन्द्रों से मतदान दल सामग्री लेकर मतदान केन्द्रों के लिए रवाना हो गए हैं।

इस बार चुनावी मैदान में 355 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें 14 मंत्री भी चुनावी मैदान में हैं। ये सभी कांग्रेस छोडक़र भाजपा में आए थे और विधायक नहीं होने के बावजूद शिवराज सरकार में मंत्री बने हैं। इनमें एदल सिंह कंषाना, सुरेश धाकड़, बृजेंद्र सिंह यादव, तुलसीराम सिलावट, गिर्राज डंडौतिया, गोविंद सिंह राजपूत, ओपीएस भदौरिया, डा. प्रभुराम चौधरी, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, महेंद्र सिंह सिसौदिया, हरदीप सिंह दांग और बिसाहूलाल सिंह शामिल हैं, जो कि भाजपा भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

इन 28 सीटों पर 63 लाख 88 हजार से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 33.72 लाख पुरुष और 29.77 लाख महिला और 198 थर्ड जेंडर मतदाता हैं, जबकि 18,737 सर्विस वोटर मतपत्रों से मतदान करेंगे। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अरुण कुमार तोमर ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को पूरी सुरक्षा व्यवस्था एवं कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए मतदान सम्पन्न कराया जायेगा। मतदान केन्द्रों पर केन्द्रीय पुलिस बल की 84 कंपनियां तैनात की गई हैं। दो हजार 500 एसएएफ के जवान, 10 हजार जिला पुलिस बल, 7 हजार होमगार्ड एवं 10 हजार विशेष पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट जारी किए गए हैं। उनके लिए मतदान केन्द्रों पर सहायक एवं व्हील चेयर की भी व्यवस्था की गई है। उप निर्वाचन में कुल 3 हजार 38 क्रिटिकल मतदान केन्द्र एवं 358 वल्नरेबल हेमलेट्स चिन्हित किए गए हैं। मतदान केन्द्रों पर नजर रखने, शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुरक्षित मतदान के लिए 250 उडऩदस्ते, 173 एसएसटी एवं 293 पुलिस के नाकों की व्यवस्था की गयी है।

जिन सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, उनमें जौरा, सुमावली, मुरैना, दिमनी, अंबाह, मेहगांव, गोहद, ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व, डबरा, भांडेर, करैरा, पोहरी, बामोरी, अशोकनगर, मुंगावली, सुरखी, मलहरा, अनूपपुर, सांची, ब्यावरा, आगर, हाटपिपल्या, मांधाता, नेपानगर, बदनावर, सांवेर और सुवासरा शामिल हैं। इनमें से 16 सीट ग्वालियर चंबल अंचल से हैं। इन 28 सीटों में से 25 पर संबंधित विधायकों के त्यागपत्र और 03 अन्य पर संबंधित विधायकों के निधन के कारण उपचुनाव हो रहा है। इन 28 सीटों में से 27 पर कांग्रेस का और एकमात्र आगर सीट पर भाजपा का कब्जा था।

मुख्य मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच

मध्यप्रदेश में विधानसभा की रिक्त 28 सीटों पर होने वाले उपचुनावों में 355 उम्मीदवार मैदान हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच होना है। दोनों ही पार्टियों के लिए यह उपचुनाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे तय होगा कि प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी। हालांकि, कुछ सीटों पर बसपा ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।

दरअसल, पिछले विधानसभा चुनाव में कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनी थी, लेकिन इसी साल मार्च में कांग्रेस के 22 विधायकों द्वारा इस्तीफा देने से कांग्रेस की सरकार बन गई और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की सरकार आ गई। मप्र की 230 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान में 201 विधायक हैं। इनमें से भाजपा के 107, कांग्रेस के 87, बसपा के दो, सपा का एक और चार निर्दलीय विधायक हैं। कुल 29 सीट रिक्त हैं, जिनमें से 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। दमोह सीट हाल ही में कांग्रेस विधायक राहुल सिंह के हाल ही में विधायक पद से त्यागपत्र देने के कारण रिक्त हुई है।

संख्याबल के आधार पर प्रदेश में फिलहाल भाजपा की सरकार है, लेकिन रिक्त सीटों में 25 पर कांग्रेस के विधायक रहे हैं, जो अपनी विधायकी से इस्तीफा देकर भाजपा में आए हैं। उपचुनाव के बाद किसी भी दल को सत्ता में बने रहने के लिए 116 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। भाजपा को सत्ता में बने रहने के लिए नौ और कांग्रेस को 29 विधायकों की जरूरत है। ऐसे में दोनों ही पार्टियां ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए जोर लगा रही हैं।

(हि.स.)

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