Mukhtar Ansari Case : रोपड़ से बांदा जेल पहुंचा मुख्तार अंसारी, बैरक-15 होगा नया ठिकाना

बांदा, 07 अप्रैल । उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब तक कई महीनों से सुर्खियों में छाए रहे मऊ से बसपा विधायक माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को आखिरकार कड़ी सुरक्षा के बीच साढ़े 14 घंटे के थकाऊ सफर के बाद बुधवार को सुबह 4:30 बजे बांदा जेल में दाखिल करा दिया गया। इस दौरान आईजी के. सत्यनारायण, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शंकर मीणा व जिला अधिकारी समेत कई जिला स्तरीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

जेल पहुंचने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उसका शारीरिक परीक्षण किया। इसके बाद उसे सामान्य बैरक में रखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सक्रिय हुए उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर बांदा से लगभग 100 पुलिस कर्मियों की टीम मंगलवार को तड़के पंजाब के रोपड़ जेल पहुंची थी। कानूनी प्रक्रिया के बाद पंजाब जेल प्रशासन ने दोपहर दो बजकर 05 मिनट पर मुुख्तार अंसारी को यूपी पुलिस के सुपुर्द किया। इसके बाद हरियाणा, दिल्ली और गाजियाबाद होते हुए यह काफिला मंगलवार की शाम यूपी के बॉर्डर बागपत पहुंचा। इसके बाद एक्सप्रेस-वे से होता हुआ आगे काफिला बढ़ता रहा।

इस दौरान जिन जनपदों से मुख्तार का काफिला गुजरा, उन जनपदों में पुलिस को पहले ही अलर्ट कर दिया गया था ताकि किसी तरह की अनहोनी न होने पाए। इतना ही नहीं रास्ते में पड़ने वाले जिलों की पुलिस ने काफिले को एस्कॉर्ट किया।

मुख्‍तार अंसारी को जिस एंबुलेंस में लिटाकर ले जाया गया, उस काफिले में वज्र समेत पुल‍िस की दस गाड़ियां थीं जिसमें 150 पुलिसकर्मी सवार थे। सड़क मार्ग से माफिया को लाने में टीम को करीब 900 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा।

बुधवार सुबह 3:30 बजे मुख्तार का काफिला बांदा की सीमा में जसपुरा से प्रवेश किया। इसके बाद पैलानी, चिल्ला और देहात कोतवाली से गुजरता हुआ यह काफिला लगभग एक घंटे बाद भोर 4.30 बजे बांदा जेल पहुंचा।

इस दौरान एक प्लाटून पीएसी ने जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था का मोर्चा संभाल रखा था। मुख्तार अंसारी के जेल में पहुंचने से पहले चार चक्र में सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया और इसके बाद गाड़ियों का काफिला रोक दिया गया। मात्र दो गाड़ियां जेल के मुख्य द्वार से अंदर पहुंची। मुख्तार अंसारी को जेल के अंदर एंबुलेंस से सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

जेल प्रशासन ने सड़क किनारे स्थित गेट को बंद कर इसके आगे सभी की एंट्री प्रतिबंधित कर दी थी। जेल में उसे शारीरिक जांच-पड़ताल के लिए सामान्य बैरक में रखा गया है। इसके बाद उसे जेल की बैरक नम्बर 15 में शिफ्ट किए जाने की योजना है। इसी बैरक में वह पहले भी रह चुका है।

(हि.स.)

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