National : बहुराज्यीय सहकारी समितियों के संचालन में सुधार के लिए कानून संशोधन को मंत्रिमडल की मंजूरी

नयी दिल्ली,12 अक्टूबर : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक से अधिक राज्यों में काम करने वाली बहुराज्यीय सहकारी समितियों के काम-काज में सुगमता तथा सुधार के लिए संबंधित कानून में संसोधन के मसौदे को बुधवार को मंजूरी दी।

सरकार ने कहा है कि बहुराज्यीय सहकारी समितियां (संशोधन) अधिनियम का उद्येश्य ऐसी समितयों के परिचालन में पारदर्शिता लाना और इनकी समितियों की चुनाव प्रक्रिया में सुधार करना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी देते हुए सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज की बैठक में बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2022 को भी मंजूरी दे दी है। ये संशोधन 2002 के कानून में सुधार कर इस क्षेत्र के कारोबार में सुगमता और सुधार के लिए लाए जा रहे हैं। विधेयक में 97वें संविधान संशोधन के प्रावधानों को शामिल किया जाएगा। गौरतलब है कि 97वें संविधान संशोधन अधिनियम 2011 द्वारा जोडें गये अनुच्छेद 19 (ग) में भारत के सभी नागरिकों को संगम या संघ के साथ-साथ सहकारी समिति बनाने का मूल अधिकार दिया गया है।

प्रस्तावित संशोधनों का एक उद्देश्य बहुराज्यीय समितियों में धन जुटाने के अलावा निदेशक मंडल की संरचना में सुधार और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना भी है। सालाना 500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने वाली ऐसी समितियों को सरकार द्वारा तय अंकेक्षकों के पैनेल के आडिटर से आडिट कराना होगा।

श्री ठाकुर ने कहा कि इस संशोधन के जरिये कारोबार में सुगमता यानी आएगी, संचालन ज्‍यादा लोकतांत्रिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकेगा।

ऐसी समितियों में चुनाव पारदर्शी, भेदभाव मुक्‍त और समय से सुनिश्चित कराने की एक चुनाव प्राधिकरण की होगी। शिकायतों को निपटाने के लिए लोकप्रहरी होगा तथा सहकारित सूचना अधिकारी का भी प्रावधान होगा। प्रस्तावित सुधारों के माध्यम से ऐसी समितियों में महिलाओं के अलावा अनुसूचित जाति/जन-जाति का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।

मनोहर.श्रवण

वार्ता

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