National : दिव्यांग बच्चों का राष्ट्रपति भवन में स्वागत

नयी दिल्ली, 27 अगस्त : प्रसिद्ध जादूगर गोपीनाथ मुथुकड़ और केरल स्थित उनके ‘डिफरेंट आर्ट सेंटर’(डीएसी) के 23 दिव्यांग बच्चों का शनिवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बहुत उत्साह और प्यार से स्वागत किया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अल्फोंसकन्नमथानम भी इस टीम के साथ थे। टीम में कुछ शिक्षक और माता-पिता भी शामिल थे, उन्होंने राष्ट्रपति को डीएसी की गतिविधियों की जानकारी दी। श्री मुथुकड़ ने चार साल पहले डीएसी की स्थापना की थी।

श्री मुथुकड़ ने इन बच्चों के इंटेलिजेंसकोशंट (बुद्धि के विकास) और इमोशनलकोशंट (संवेगात्मक) स्तरों में कला-आधारित प्रशिक्षण की वजह से होने वाले सकारात्मक परिणामों का जिक्र किया।

राष्ट्रपति ने मुथुकड़ के उस समर्पण और प्रतिबद्धता की सराहना की, जिसके साथ वह जादू में अपने शानदार कैरियर को छोड़कर संस्थान को संभाल रहे हैं।

उन्होंने कहा,“ हम वास्तव में भगवान को नहीं देख सकते, लेकिन बच्चों के चेहरे पर जो मुस्कान मैं देख रही हूं, वह गोपीनाथ की कड़ी मेहनत और ईमानदार प्रयासों का परिणाम है। आप भी किसी भगवान से कम नहीं हैं। आप जैसे व्यक्ति ही हैं जिनमें मुझे ईश्वर दिखाई देता है। ”

इन बच्चों के लिए जादू के अपने जुनून और अपनी संपत्ति को त्यागने के लिए राष्ट्रपति ने श्री मुथुकड़ की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस जन्म के अच्छे कर्मों का फल उन्हें अगले जन्म में अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि श्री मुथुकड़ जिस कार्य को कर रहे हैं, उसमें सहयोग करने के लिए वह क्या कर सकती हैं, इस पर वह अवश्य ही विचार करेंगी।

उन्होंने कहा, “ मैं भविष्य में इन बच्चों को राष्ट्रपति भवन में अपनी कला के प्रदर्शन के लिए बुलाउंगी। ”

इस मुलाकात के तुरंत बाद श्री मुथुकड़ ने राष्ट्रीय एकता पर आधारित एक छोटा-सा जादुई करतब दिखाया। राष्ट्रपति बच्चों की कला का भी कुछ प्रदर्शन देखना चाहती थीं। उनकी इच्छा का मान रखते हुए एक बच्चे ने एक गीत की कुछ पंक्तियां गाईं।

श्रीमती मुर्मू ने कहा कि समाज में यह संदेश पहुंचाने के लिए कि दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा में लाया जाना चाहिए, देश को श्री मुथुकड़ जैसे लोगों की जरूरत है।

डीएसी की टीम ने कल शाम विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन, नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी, पूर्व मंत्री के.जे. अल्फोंस, एडमिरल आर हरि कुमार, उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश कुरियन जोसेफ और डिपार्टमेंट ऑफ़ एंपावरमेंट ऑफ़ पर्सन्स विथ डिसेबिलिटीज की सचिव अंजलि भवरा की उपस्थिति में डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में एक घंटे तक चले जादुई और सांस्कृतिक कार्यक्रम से दिल्ली वासियों को आनन्द विभोर किया। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 10 से अधिक संसद सदस्यों ने भाग लिया।

इस अवसर पर श्री सत्यार्थी ने कहा कि श्री मुथुकड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ‘कुछ भी असंभव नहीं है, और भारत के पास समाधानों की कमी नहीं है। ”

श्रवण

वार्ता

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