National Congress Update : कांग्रेस में कलह पर गुलाम नबी आजाद का बयान, कहा- फाइव स्टार होटलों में बैठकर नहीं लड़े जाते चुनाव

नई दिल्ली। कांग्रेस के भीतर के कलह पर पार्टी के सीनियर नेता गुलाम नबी आजाद का बड़ा बयान सामने आया है। बिना नाम लिए उन्होंने आलाकमान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस सबसे निचले स्तर पर है। पार्टी के बड़े नेताओं का कार्यकर्ता से संपर्क टूट गया है। फाइव स्टार होटलों में बैठकर चुनाव नहीं लड़ सकते।

गुलाम नबी आजाद ने कहा, “जो लोग वहां होते हैं उनका कनेक्ट लोगों के साथ टूट गया है. ब्लॉक के लोगों के साथ, जिलों के लोगों के साथ कनेक्ट टूट गया है। समस्या ये है कि जब हमारी पार्टी में कोई पदाधिकारी बनता है तो वो लेटर पैड तो छाप देता है और विजटिंग कार्ट बना देता है। वो समझता है कि मेरा काम बस खत्म हो गया। काम तो उस वक्त से शुरू होना चाहिए।”

इतना ही नहीं गुलाम नबी आजाद ने एक शेर भी पढ़ा. उन्होंने कहा, “पार्टी से इश्क होना चाहिए। ये इश्क नहीं आसान बस इतना समझ ली जे, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है। लोग समझते हैं कि लड़कियों से प्रेम करना ही इश्क है। भगवान से इश्क, अपने पीर पैगंबर से भी इश्क, अपने धर्म से भी प्यार होता है।”

बता दें कि अगले महीने संभावित तौर पर कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव होना है। पहले भी अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर विवाद हो चुका है। नेताओं ने चिट्ठी लिखी थी उस पर भी विवाद हो गया था। अब गुलाम नबी आजाद ने जो बयान दिए हैं उससे ये सवाल खड़ा होता है कि क्या एक बार फिर अध्यक्ष पद को लेकर एक बार फिर विवाद होगा?

आजाद ने कहा, “हमारा ढांचा कमजोर है, हमें ढांचा पहले खड़ा करना पड़ेगा। फिर उसमें कोई भी नेता हो चलेगा। सिर्फ नेता बदलने से आप कहेंगे कि पार्टी बदल जाएगी, बिहार आएगा, मध्य प्रदेश आएगा, उत्तर प्रदेश आएगा, नहीं वो सिस्टम से बदलेगा।” आजाद ने कहा कि हमारे लोगों का ब्लॉक स्तर पर, जिला स्तर पर लोगों के साथ कनेक्शन टूट गया है। जब कोई पदाधिकारी हमारी पार्टी में बनता है तो वो लेटर पैड छाप देता है, विजिटिंग कार्ड बना देता है, वो समझता है बस मेरा काम ख़त्म हो गया, काम तो उस समय से शुरू होना चाहिए।

पार्टी के पतन को लेकर पूछे गए सवाल पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमारी पार्टी हो या कोई अन्य, चाटुकारिता की संस्कृति पार्टी के साथ-साथ नेताओं के पतन का मुख्य कारण बन गई है। हमें हर स्तर पर इस संस्कृति से दूर रहना चाहिए। राजनीति एक तपस्या है। उन लोगों को शर्म आनी चाहिए, जो आनंद और धन के लिए राजनीति में शामिल होते हैं। आजाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में कोई विद्रोह नहीं है। विद्रोह का अर्थ है किसी को प्रतिस्थापित करना। पार्टी अध्यक्ष पद के लिए कोई अन्य उम्मीदवार नहीं है। यह कोई विद्रोह नहीं है। यह सुधारों के लिए है।

-Agency

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