National : अच्छे दिन आए हैं ओडिशा में -शाह

कटक 08 अगस्त : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि ओडिशा में अच्छे दिन आए हैं क्योंकि उन्होंने लंबी तटरेखा, समृद्ध खनिज भंडार, समृद्ध संस्कृति परम्परा और प्रचुर मात्रा में मानव संसाधन वाले राज्य के विकास के लिए एक उज्ज्वल भविष्य और विशाल संभावनाओं की परिकल्पना की है।
श्री शाह ने सोमवार को यहां जवाहरलाल इंडोर स्टेडियम में ओडिया दैनिक प्रजातंत्र के 75वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि देश के कई प्रमुख पदों पर उडिया हस्तियों के काबिज होने से ओडिशा के अच्छे दिन आए हैं।
उन्होंने कहा कि ओडिशा की बेटी द्रौपदी मुर्मू अब देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर हैं। देश के सभी गरीब और आदिवासी लोगों को उनकी उपलब्धियों पर गर्व महसूस करना चाहिए। निर्माण सभा में पूरे देश से सभी राज्यों का प्रतिनिधित्व था, लेकिन संविधान सभा में एक भी आदिवासी महिला नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह कमी द्रौपदी मुर्मू के आने से पूरी हो गयी , जो ओडिशा के एक आदिवासी और सबसे गरीब परिवार से आती हैं। वह भारत की राष्ट्रपति बन गयी।
श्री शाह ने दावा किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री, रेल मंत्री, आदिम जाति कल्याण मंत्री और रिजर्व बैंक के गवर्नर सभी ओडिशा राज्य से आते है , आजादी के बाद से राज्य का ऐसा प्रतिनिधित्व पहले कभी नहीं देखा गया । केंद्र और राज्य के बीच अच्छा समन्वय बनाए रखते हुए टीम इंडिया देश और राज्य के विकास की योजना बना सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हमेशा ऐसा प्रयास रहता है।
श्री शाह ने कहा कि भगवान जगन्नाथ पूरे देश को पूर्व से पश्चिम तक भक्ति की भावना से बांधते हैं। जब भी “मैं पश्चिम के तट को छोड़ देता हूं और पूर्व में भूमि लेता हूं तो मैं हमेशा भगवान जगन्नाथ के सामने भूमि पर पैर रखने से पहले झुकता हूं। ”
श्री शाह ने कहा, “ मैं जब भी मैं ओडिशा में उतरता हूं तो “भक्ति भाव” की भावना मुझे प्रभावित करती है, यह भगवान जगन्नाथ की भूमि है। समारोह को संबोधित करने से पहले उन्होंने इंडोर स्टेडियम में विशाल सभा से अपील की कि वे उनके साथ जय जगन्नाथ का नारा लगाएं। उन्होंने सभी स्वतंत्रता सेनानियों को स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की।
केंद्रीय मंत्री ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में हरेकृष्ण महताब के योगदान और अखबार में अपने नियमित कॉलम के माध्यम से समाज की सेवा करने वाले उनके पत्र ‘प्रजातंत्र’ की सराहना की।
सैनी, सोनिया
वार्ता

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