National : सत्येंद्र जैन के खिलाफ सुनवाई 10 अक्टूबर के लिए स्थगित

नयी दिल्ली 27 सितंबर: दिल्ली की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत दर्ज मामले की सुनवाई 10 अक्टूबर के लिए स्थगित कर दी।

आम आदमी पार्टी के नेता जैन की ओर से कहा गया कि एलडी. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश (पीसी अधिनियम) (सीबीआई) के स्थानांतरण आदेश दिनांक 22.09.2022 को चुनौती देने वाली याचिका को दिल्ली उच्च न्यायालय ने 28.09.2022 तक बहस के लिए स्थगित कर दिया है।

उन्होंने निवेदन किया है कि उच्च न्यायालय 29.09.2022 से 05.10.2022 तक छुट्टियों के लिए बंद होने जा रहा है, इसलिए मामले को उक्त छुट्टियों के बाद किसी भी तारीख को निर्धारित किया जाए। उन्होंने यह निवेदन करते हुए स्थगन की मांग की है कि उक्त याचिका के परिणाम को देखने के लिए कृपया श्री जैन के मामले को स्थगित कर दिया जाए।

विशेष न्यायाधीश विकास ढुल ने जैन की ओर से याचिका पर सुनवाई के बाद कहा, “मामला आगे की कार्यवाही के लिए 10.10.2022 के लिए स्थगित किया जाता है। आगे, तिहाड़ जेल अधीक्षक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपी सत्येंद्र कुमार जैन, वैभव जैन और अंकुश जैन को 10 अक्टूबर को सुबह 10 बजे पेश करने का निर्देश दिया जाता है।”

राउज एवेन्यू, नयी दिल्ली के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय ने 22 सितंबर को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज मामले को विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल की अदालत से विशेष न्यायाधीश विकास ढुल को स्थानांतरित कर दिया। दरअसल श्री जैन के वकील ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) (सीबीआई) द्वारा पारित 22 सितंबर के आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सरकारी वकील ने पहले प्रधान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया कि श्री जैन ने दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में सेवा की है इसलिए वह जाली दस्तावेज प्राप्त करने में कामयाब हो सकते हैं और डॉक्टरों तथा जेल अधिकारी को प्रभावित कर सकते हैं। वकील ने कहा कि जैन ने अपनी बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने का फर्जीवाड़ा किया।

श्री जैन के वकील ने ईडी के आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि यह मुकदमे को पटरी से उतारने और श्री जैन की हिरासत को बढ़ाने के लिए एक दुर्भावनापूर्ण आवेदन है।

श्री जैन के वकील ने आगे कहा कि श्री जैन न तो स्वास्थ्य मंत्री हैं और न ही जेल मंत्री हैं, बल्कि जेल में हैं और क्योंकि जिस अस्पताल में जैन को दिल्ली सरकार के नियंत्रण में भर्ती कराया गया था, वह मामले में कथित पक्षपात का आधार नहीं है।

इस मामले में ईडी ने पहले श्री सत्येंद्र जैन की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा था कि अगर जमानत दी जाती है तो वह सह-आरोपी, गवाहों और मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजों को प्रभावित कर सकते हैं।

जांच एजेंसी ने इस मामले में 30 मई को पीएमएलए के प्रावधानों के तहत श्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया है और वह अब तिहाड़ में न्यायिक हिरासत में है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने आरोप पत्र में आय से अधिक संपत्ति के मामले में कथित तौर पर 1.47 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का श्री जैन पर आरोप लगाया है जबकि प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में 4.81 करोड़ रुपये की कुर्की का दावा किया है।

संजय अशोक

वार्ता

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