National : आईएमएफ ने भारत की वृद्धि दर घटाकर की 7.4 प्रतिशत

नयी दिल्ली, 26 जुलाई : अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष चुनौतियों के बीच वर्ष 2022 में वैश्विक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 3.2 प्रतिशत कर दिया है। वैश्विक एजेंसी ने मंगलवार को जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (विश्व आर्थिक परिदृश्य) रिपोर्ट में 2022 के लिए भारत की वृद्धि दर के अनुमान को भी घटाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है।

आईएमएफ ने अप्रैल 2022 में भारत की वृद्धि दर के अनुमान को 8.2 प्रतिशत रखा था। संगठन के अनुसार पिछले साल भारत की अनुमानित आर्थिक वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत थी।

एजेंसी के अनुसार अगले वर्ष 2023 में भारत की वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रह सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर 2.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। आईएमएफ की रिपोर्ट में कहा गया है,’वृद्धि असधारण रूप से नीचे रहने का जोखिम ऊंचा है।’

विश्व की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका, चीन और यूरो क्षेत्र अटक रही हैं, जिनका वैश्विक आर्थिक प्रदेश पर बड़ा असर पड़ रहा है। वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर 2020-21 के 6.1 प्रतिशत की तुलना में तेजी से घटकर वर्ष 2022 में 3.2 प्रतिशत पर आ सकती है।

आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पीएरे-ऑलिवर गौरिंचास ने संवाददाताओं से कहा,’मौद्रिक नीतियों में और अधिक सख्ती किए जाने की निश्चित रूप से वास्तविक आर्थिक लागत उठानी पड़ेगी, लेकिन इसमें देरी करने से (मुद्रास्फीति के चलते) मुश्किलें भी बढ़ेंगी। ‘

श्री गौरिंचास ने कहा,’केंद्रीय बैंकों ने मौद्रिक नीति में सख्ती का जो सिलसिला शुरू किया है, उन्हें उस राह पर तब तक चलते रहना चाहिए जब तक मुद्रास्फीति काबू में न आ जाए।’

रिपोर्ट में वर्ष 2022 के दौरान अमेरिका की आर्थिक वृद्धि दर 2.3 प्रतिशत, जर्मनी-1.2, फ्रांस-2.3, इटली-3, जापान-1.7, ब्रिटेन-3.2, चीन-3.3, रूस-(-6.0), ब्राजील-1.7 तथा दक्षिण अफ्रीका की वृद्धि दर 2.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

रिपोर्ट में अमेरिका की अगले वर्ष की वृद्धि दर एक प्रतिशत, चीन-4.6, दक्षिण अफ्रीका-1.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।

अभिषेक.मनोहर.श्रवण

वार्ता

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