National : वायरलेस लाइसेंसिंग व्यवस्था में सुधार से डिजिटल इंडिया में आएगी तेजी: सीओएआई

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर : निजी क्षेत्र की मोबाइल दूरसंचार सेवाएं देने वाली कंपनियों के संगठन सेल्यूलर आपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने वायरलेस लाइसेंसिंग की प्रक्रिया तथा राष्ट्रीय रेडिया-तरंग आवंटन योजना (एनएफएपी) 2022 में सुधार की घोषणाओं के लिए दूरसंचार विभाग की सराहना की है और कहा कि इससे नेटवर्क विस्तार में तेजी आएगी,अनुपालन का बोझ कम होगा और कारोबार में अधिक आसानी होगी।

सीओएआई ने एक गुरुवार को एक बयान में कहा कि घोषित सुधारों में तो कुछ पहले ही लागू हो चुके हैं।

गौरतलब है कि विभाग ने रेडियो तरंग आवंटन पर स्थायी समिति (एसएसीएफए) प्रमाणपत्र निकासी दिशानिर्देशों को सरल किया है।

लो पावर बीटीएस/छोटे सेल यानी स्ट्रीट फर्नीचर/इन्फ्रास्ट्रक्चर पर माइक्रो, पिको और फेम्टो सेल)के लिए रेडियो तरंग आवंटन के लिए आवेदन की प्रक्रिया सरल की गयी है और प्रसंस्करण शुल्क 1000 रुपये घटा कर

100 रुपये कर दिया गया है

नए नियमों के तहत देश में दूरसंचार उपकरण लाना आसान हुआ है आयात लाइसेंस प्रक्रिया को ऑनलाइन कर स्व-घोषणा आधारित मंजूरी को अपनाया गया है। इसी तरह सरल संचार पोर्टल के माध्यम से लाइसेंसिंग की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है जिसके जिसके परिणामस्वरूप प्रसंस्करण समय को औसतन 1 वर्ष की अवधि से घटाकर दो माह कर दिया गया है।

विभाग ने दूरसंचार विभाग ने वायरलेस जैमर/बूस्टर के उचित उपयोग पर एक परामर्श भी जारी किया है।

सीओएआई के महानिदेशक डा एसपी कोछड़ ने कहा, ‘ नियम और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से देश में दूरसंचार नेटवर का विस्तार करने का काम तेज करने में मदद मिलेगी। श्री कोछड़ ने एक बयान में उम्मीद जाहिर की है कि सरकार दूरसंचार उद्योग के सामने आ रही अन्य कठिनायियों के समाधान के लिए भी कदम उठाएगी।

मनोहर , सोनिया

वार्ता

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